आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद के शीतकालीन सत्र का आज 7 दिसंबर को चौथा दिन है। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने गृह मंत्री अमित शाह के जवाहर लाल नेहरू पर दिए बयान पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरे दिन सभा में चर्चा की जानी चाहिए। यह छोटा मुद्दा नहीं है।
रंजन बोले कि सिर्फ अमित शाह ही भारत का इतिहास नहीं जानते हैं, और लोग हो जानते हैं। इसलिए देशवासियों को पता होना चाहिए कि जब 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई थी, तब अमित शाह ने कहा था कि PoK को वापस लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को सत्ता में 10 साल हो गए हैं, उससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी 6 साल के लिए PM थे। तो भाजपा को कौन रोक रहा है?… 2024 चुनाव से पहले PoK को वापस लाएं। आपको पूरे भारत के सारे वोट मिलेंगे।
दरअसल, बुधवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) बिल और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल पेश किए जाने के दौरान अमित शाह ने जवाहर लाल नेहरू का एक लेटर पढ़ा। इस लेटर के हवाले से गृह मंत्री ने कहा- ‘नेहरू ने शेख अब्दुल्ला को लिखा था कि कश्मीर मुद्दा यूएन ले जाना गलती थी।’
हंगामा हुआ तो शाह बोले- से बात नेहरू ने अब्दुल्ला से कही थी
शाह के बयान पर कांग्रेस समेत विपक्ष ने हंगामा किया। शाह ने कहा कि मैंने वही बात कही, जो खुद नेहरू ने अब्दुल्ला से कही थी। शाह ने ये भी कहा कि कश्मीर में सेना जीत रही थी, तभी सीजफायर कर दिया गया। नेहरू की गलती से पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) बन गया। देश की जमीन का जाना नेहरू का ब्लंडर था।
ममता बनर्जी को लेकर गिरिराज सिंह के बयान के खिलाफ TMC महिला सांसदों ने प्रदर्शन किया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को सदन में बंगाल CM ममता बनर्जी को लेकर टिप्पणी की थी। इसके विरोध में आज TMC की महिला सांसदों ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने गिरिराज को मंत्रिमंडल से निष्कासित किए जाने की मांग की।
महुआ बोलीं- गिरिराज जी अपने नाम में शांडिल्य लिखते हैं। रामधारी सिंह दिनकर की कविता है- जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा है, समझो उसने हमें यहां मारा है। भारत अपने ही घर में हार गया है। हमारे जो ऐसे बेशर्म मंत्री हैं, देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री के बारे में ऐसा कह रहे हैं। भाजपा के सारे लोग, सारे मंत्री महिलाओं को पसंद नहीं करते।
महुआ बोलीं कि एक महिला (ममता बनर्जी) बिना किसी पुरुष का सहारा लिए यहां पहुंची है, ये लोग इस बात को हजम नहीं कर पाते। क्या गिरिराज को माफी मांगनी चाहिए, इस पर महुआ ने कहा कि वो इतने बेशर्म हैं कि माफी क्या मांगेंगे। सुबह कहते हैं कि ठुमके लगा रही हैं, शाम को कहते हैं कि मैंने नहीं बोला।
सदन में गौमूत्र वाले बयान पर नारेबाजी, फिर डीएमके सांसद की माफी
बुधवार को लोकसभा में DMK नेता के गौमूत्र वाले बयान पर जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी नेताओं ने माफी मांगो के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद सेंथिल ने लोकसभा में अपने बयान के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा- कल अनजाने में मेरे बयान से किसी सदस्य या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं, मुझे इसका अफसोस है।
मंगलवार को सेंथिल कुमार ने कहा था कि भाजपा की ताकत केवल हिंदी बेल्ट के उन राज्यों को जीतने में ही है, जिन्हें हम आमतौर पर गोमूत्र राज्य कहते हैं। जिस पर आज सदन में जमकर हंगामा हुआ। सेंथिल के इस बयान को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है।