आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के डायरेक्टर जनरल का जिम्मा पहली बार एक महिला को सौंपा गया है। राजस्थान कैडर की 1989 बैच की IPS ऑफिसर नीना सिंह को ये जिम्मेदारी मिली है। पूरे देश के एयरपोर्ट, दिल्ली मेट्रो और अन्य सरकारी भवनों की सिक्योरिटी उन्हीं के जिम्मे है। नीना राजस्थान पुलिस की पहली महिला DG भी रह चुकी हैं।

नीना सिंह फिलहाल CISF की स्पेशल DG की पोस्ट पर थीं। वे 2021 में CISF से जुड़ी थीं। उनका रिटायरमेंट 31 जुलाई 2024 में होगा, तब तक वे CISF की चीफ की पोस्ट पर बनी रहेंगी।

नीना सिंह 2013 से 2018 के बीच CBI की जॉइंट डायरेक्टर पद पर थीं। इस दौरान उन्होंने कई हाई प्रोफाइल मामलों पर काम किया। उन्हें 2020 में अति उत्कृष्टता सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया था। नीना सिंह नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो के साथ दो रिसर्च पेपर भी लिख चुकी हैं।

नीना सिंह के स्पेशल प्रोजेक्ट

नीना सिंह 2000 में राजस्थान महिला आयोग के सदस्य सचिव के रूप में तैनात थीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए आउटरीच प्रोग्राम डिजाइन किया था। इसमें आयोग के मेंबर अलग-अलग जिलों में जाकर महिलाओं से बात कर उनकी परेशानियों को सुनते थे और हल करने की कोशिश करते थे।

नीना सिंह ने 2005-2006 में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के लिए पुलिस स्टेशनों को पब्लिक के लिए सहज बनाने के प्रोजेक्ट पर काम किया था।

नीना सिंह के पति IAS अफसर

IPS नीना सिंह के पति रोहित कुमार सिंह भी राजस्थान कैडर के IAS हैं। वे कोरोना महामारी के पहली लहर में राजस्थान में प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) थे। वे फिलहाल केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय में सेक्रेटरी हैं।

अर्जुन अवॉर्डी पहली महिला घुड़सवार दिव्यकृति सिंह का इंटरव्यू:बोलीं- घुड़सवारी बहुत ही एक्सपेंसिव, सपोर्ट जरूरी; ओलिंपिक मेडल जीतना चाहती हूं

दिव्यकृति सिंह…ये वो नाम है जिसने दुनिया भर में राजस्थान का ही नहीं, देश का मान बढ़ाया है। राजस्थान के नागौर जिले के अंतिम छोर पर बसे पीह गांव की रहने वाली महिला घुड़सवार दिव्यकृति सिंह को इस साल एशियन गेम्स में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

इसी के साथ वो देश के सबसे प्रतिष्ठित खेल पुरस्कारों में से एक अर्जुन अवॉर्ड को पाने वाली पहली महिला घुड़सवार बनने वाली हैं। इससे पहले दिव्यकृति देश को घुड़सवारी में 41 साल बाद ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने वाली भारतीय घुड़सवारी ड्रेसाज टीम की सदस्य भी रहीं।