आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नाम और सिंबल को लेकर विवाद के बीच शरद पवार और अजित पवार गुट ने एक बार फिर दावा किया है कि उनकी पार्टी के अंदर कोई फूट नहीं है।
शरद गुट के NCP प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मंगलवार 19 सितंबर को कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से हमारे केस को विवाद की तरह देखना गलत है। उन्होंने आयोग पर शरद को समय ना देने का भी आरोप लगाया।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, महाराष्ट्र कैबिनेट में मंत्री और अजीत गुट के सीनियर नेता छगन भुजबल ने जयंत पाटिल के बयान पर कहा- अच्छी बात है। हम भी कहते हैं कि हमारी पार्टी में कोई फूट नहीं है।
छगन भुजबल ने दावा किया कि पार्टी में कुछ बदलाव हुए हैं, जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष का बदलाव। अब अजित पवार पार्टी के अध्यक्ष हैं और हमने चुनाव आयोग को इस बारे में सूचित कर दिया है।
जयंत पाटिल बोले- पार्टी में शरद का कभी विरोध नहीं हुआ
जयंत पाटिल ने बताया कि शरद पवार ने अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए चुनाव आयोग से समय मांगा था, क्योंकि अजित की तरफ से कुछ ई-मेल भेजे गए थे। चुनाव आयोग ने शरद को समय दिए बिना सोच लिया कि पार्टी में विवाद है।
शरद गुट के NCP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- शरद ने अपने जवाब में चुनाव आयोग को बताया था कि पार्टी में कभी उन्हें विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। ना ही पार्टी की ओर से किसी भी सार्वजनिक मंच पर हमारी नीतियों का कोई विरोध हुआ।
NCP के 8 विधायकों के साथ अजित NDA में शामिल हुए थे, डिप्टी सीएम की शपथ ली
अजित 2 जुलाई को NCP के आठ विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे। इसी दिन शिंदे सरकार में अजित ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।
शरद से अलगाव के बाद अजित ने दावा किया कि NCP का बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर उन्हें अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने शरद पवार को NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया था।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया
दूसरी तरफ शरद पवार ने पार्टी छोड़कर जाने वाले 9 मंत्रियों समेत 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अजित पवार का NCP का अध्यक्ष बनना और पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह घड़ी का इस्तेमाल करना गैर कानूनी है।
दोनों गुटों ने पार्टी के नाम और सिंबल पर दावेदारी के पक्ष में चुनाव आयोग को कागजात सौंपे हैं। आयोग ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार और शरद पवार गुटों को 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया है।