सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल: भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) और इसके सभी 8 स्वास्थ्य केंद्र अब केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गैर संचारी रोग कार्यक्रम (एनसीडी प्रोग्राम) से जुड़ेंगे। इससे बीएमएचआरसी और स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आने वाले गैस पीड़ित व उनके आश्रितों में गैर संचारी रोगों जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर आदि की पहचान हो सकेगी और उनका एनसीडी प्रोग्राम के तय प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज हो सकेगा। बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रभाकर तिवारी व अन्य अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्स को इस बारे में जानकारी दी व एनसीडी पोर्टल में डेटा एंट्री करने के बारे में प्रशिक्षित किया। इस दौरान बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव, सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सक व जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज हुरमाडे उपस्थित थे।
मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में बीएमएचआरसी व स्वास्थ्य केंद्रों में विभिन्न गैर संचारी रोगों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन अब हम इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत मरीजों को प्रोटोकॉल आधारित इलाज दे पाएंगे। एनसीडी प्रोग्राम के साथ जुडने से इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों या संभावित मरीजों की पहचान हो पाएगी और उनकी बीमारी, दवा, विभिन्न तरह की जांचों के रिजल्ट आदि सभी की जानकारी एनसीडी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। ऐसे मरीजों को फॉलोअप के लिए बुलाया जाएगा। किन मरीजों को ये बीमारियां होने का खतरा अधिक है, इसका आकलन भी किया जाएगा, ताकि वे समय रहते इनके बारे में जागरूक हो सकें और अपना बचाव कर सकें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रभाकर तिवारी ने बताया कि भारत में गैर संचारी रोगों जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर आदि से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी वजह से सरकार द्वारा इन बीमारियों से बचने व इनको नियंत्रित करने के लिए एनसीडी प्रोग्राम चलाया जा रहा है। बीएमएचआरसी के स्वास्थ्य केंद्रों में कुल मिलाकर रोजाना करीब 1500 मरीज उपचार लेने आते हैं। बीएमएचआरसी के साथ आने से हम इन मरीजों को भी एनसीडी प्रोग्राम से जोड़ सकेंगे।
मरीजों के बनेंगे बीपी पासपोर्ट
प्रभाकर तिवारी ने बताया कि एनसीडी प्रोग्राम को इंडिया हाइपरटेंशन कंटोल इनीशिएटिव से भी जोड़ा जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत हाइपरटेंशन, डायबिटीज के मरीजों को एक अलग कार्ड दिया जाएगा, जिसमें डायबिटीज हाइपरटेंशन के मरीज की जानकारी, उनका डायबिटीज की व ब्लड प्रेशर की जांच की रिपोर्ट लिखी होगी। मरीजों को यह पासपोर्ट अपने साथ रखने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी इमरजेंसी के दौरान मदद के लिए आए लोग उनकी बीमारी पहचान सकें।