सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल: आज की प्रमुख आवश्यकता है ऊर्जा यानी कि बिजली। गैर परंपरागत स्रोतों से 2030 तक देश की 40% बिजली का उत्पादन करने का लक्ष्य मोदी सरकार का है। बिजली के गैर परंपरागत स्रोतों को अपने आप में समाए हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग है।
देश में मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के उर्जा के प्रति विजन के प्रति कृत संकल्पित इस विभाग के मंत्री राकेश शुक्ला ने वल्लभ भवन मंत्रालय में बुधवार को विभाग की बागडोर संभाल ली।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने मंत्रालय में अपने कक्ष में विधिवत पहले राम दरबार को बिठाया और इसके बाद गुरु और पूर्वजों की पूजा करने के उपरांत कन्या पूजन कर विभाग की पहली नोटशीट साइन कर कामकाज का श्री गणेश किया। पदवार ग्रहण करने पर मंत्री राकेश शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नवकरणीय ऊर्जा में तेजी से परिवर्तन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक जरूरी है।

कोयला ,तेल और गैस के जलने से होने वाला जलवायु परिवर्तन पहले से ही दुनिया भर के समुदायों, अर्थव्यवस्थाओं और पारिस्थितिक तंत्र पर कहर बरपा रहा है। हमें नई और विस्तारवादी जीवाश्म, ईंधन परियोजनाओं को रोकना होगा और कोयला, तेल और गैस पर सभी सब्सिडी समाप्त करनी होगी। जलवायु परिवर्तन से निपटाने का सबसे आसान तेज और सबसे प्रभावी तरीका नवकरणीय ऊर्जा और भंडारण पर आधारित ऊर्जा प्राणी की ओर हमें बढ़ाना होगा।जिस से 2030 तक बिजली उत्पादन का 40% हिस्सा गैर परंपरागत स्रोत से पूरा किया जाना है। जिसके लिए हम सब कृत संकल्पित होकर जुट गए हैं।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री ओ पी एस भदोरिया विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सहित वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओ के साथ विभाग के आला अधिकारियों ने मंत्री शुक्ला को विभाग के कामकाज संभालने के लिए बधाई देते हुए पुष्प गुच्छ और मालाओं से स्वागत किया।