सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: भारतीय नौसेना ने एक बार फिर से अदन की खाड़ी में एक कॉमर्शियल जहाज को रेस्क्यू किया है। नेवी के मुताबिक बारबाडोस के फ्लैग वाले लाइबेरिया के जहाज पर हूती विद्रोहियों ने मिसाइल से हमला किया था।
इसके बाद जहाज में आग लग गई। इस दौरान 3 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए। भारतीय नौसेना ने इस जहाज पर मौजूद 21 लोगों को बचा लिया है। इनमें से एक भारतीय है।
अमेरिकी मीडिया CNN के मुताबिक, ‘ट्रू कॉन्फिडेंस’ नाम के जहाज पर 6 मार्च को हमला हुआ था। ये हूती विद्रोहियों का पहला ऐसा हमला है जिसमें लोगों की जान गई है।
INS कोलकाता मदद के लिए पहुंचा
नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा- जहाज पर हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद INS कोलकाता को रवाना किया गया था। इस पर मौजूद हेलिकॉप्टर और बोट की मदद से लोगों को बचाया गया। घायलों का इलाज मेडिकल टीम कर रही है।
लाल सागर में हूतियों के हमले के बाद जहाज डूबा
2 मार्च को लाल सागर में लगातार हो रहे हूतियों के हमलों के बीच पहली बार कोई जहाज डूब गया था। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने 18 फरवरी को बाब-अल मंडब स्ट्रेट में रूबीमार नाम के जहाज पर मिसाइल से अटैक किया था। इसके बाद जहाज के क्रू मेंबर्स को ब्रिटिश मिलिट्री ने रेस्क्यू किया।
मीडिया हाउस इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक रूबीमार एक ब्रिटिश जहाज था। इस पर बेलीज का फ्लैग लगा हुआ था। हूतियों ने जब इस पर हमला किया तब यह यमन के मोखा पोर्ट से करीब 27.78 किमी की दूरी पर था। पिछले 12 दिनों से यह उत्तर की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन लाल सागर में तूफान और खराब मौसम की वजह से जहाज डूब गया।