आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुरैना खाद का संकट लगातार जारी है। मुरैना के जौरा कस्बे में हर दिन खाद के लिए लंबी-लंबी लाइन लग रही है। किसान सुबह 3 बजे से ही लाइन में लग जाता है, उसके बावजूद वह खाद से वंचित हो रहा है।
बता दें कि, मुरैना जिला में खाद का संकट लगातार जारी है। यहां के जौरा अंबाह तथा कस्बों में खाद का संकट लगातार बना हुआ है। जौरा के हालात ऐसे हैं, कि यहां पर किस सुबह तीन बजे से ही सर्दी में लाइन में लगकर बैठ जाता है। उसकी बात सुबह टोकन लेने के लिए जब तक उसका नंबर आता है तब तक खिड़की बंद हो जाती है। जिससे किसानों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
महिलाएं व बुजुर्ग लगे लाइन में
मुरैना के जौरा में खाद के लिए लगने वाली लंबी लाइन में केवल पुरुष ही शामिल नहीं रहते। महिलाएं तथा बुजुर्ग भी सुबह 3 बजे से ही, आकर लाइन में लग जाते हैं और अपनी बारी आने का इंतजार करने लगते हैं।
नहीं मिल पा रहा खाद
किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण वह निजी दुकानों पर जाकर महंगे दामों पर खाद की बोरियां खरीदने के लिए मजबूर हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि एक तरफ सरकार लगातार इस बात का दावा कर रही है कि उसके पास खाद का पर्याप्त भंडार है। वहीं दूसरी तरफ किसानों को खाद नहीं मिल रहा है और उसके लिए मारामारी मची हुई है।
खोखले साबित हो रहा है सरकार के दावे
इस प्रकार देखा जाए तो सरकार व जिला प्रशासन के दावे लगातार खोखले साबित हो रहे हैं। एक से मुरैना जिला प्रशासन बार-बार यही बात दोहराई जा रहा है कि खाद का कोई संकट नहीं है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की लग रही लंबी-लंबी लाइनें प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं।