आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को 21 विधायकों ने शपथ ग्रहण की। सोमवार को 207 विधायकों ने शपथ ग्रहण की थी। प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव पहले ही शपथ ले चुके हैं। छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ विदेश में होने के चलते इस सत्र में शामिल नहीं हो रहे हैं।

आज विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सरताज सिंह, रामदयाल अहिरवार, भगवत सिंह पटेल, कल्याण जैन, ताराचंद पटेल, रामदयाल भारद्वाज समेत दिवंगत नेताओं और विभूतियों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट के मौन के बाद सदन की कार्यवाही 20 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सिंघार बोले- डॉ. अंबेडकर का फोटो हटाकर ये गोडसे का लगाएंगे

आसंदी के पीछे लगी पं. जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर हटाने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा परिसर में कहा, डॉ. अंबेडकर के बाद ये गोडसे के फोटो लगाएंगे। नेहरू जी का फोटो हटाना महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण ये है कि उनके विचार खत्म करने का प्रयास है। आगे देखिए अंबेडकर जी का फोटो हटाकर गोडसे का फोटो लगाएंगे।

जयवर्धन बोले- किसी का अपमान नहीं होना चाहिए

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, यह ओछी मानसिकता है। प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। महात्मा गांधी, नेहरू जी, अंबेडकर जी किसी का अपमान नहीं होना चाहिए।

रामेश्वर ने कहा- बाबा अंबेडकर संविधान निर्माता है

बीजेपी ने कांग्रेस के बयानों पर पलटवार किया है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अंबेडकर का चित्र भारत के संविधान का चित्र है। संविधान निर्माता बाबा अंबेडकर हैं कि नहीं। बाबा अंबेडकर के प्रति कांग्रेस की आस्था और विश्वास है कि नहीं? अंबेडकर जी करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र हैं, संविधान निर्माता है। संविधान निर्माता का फोटो विधानसभा में होना चाहिए या नहीं? कांग्रेस क्या बाबा अंबेडकर में गोडसे देखती है? गांधी जी, बाबा अंबेडकर के प्रति हमारी आस्था है और रहेगी।

बाबा साहब का फोटो पहले ही लग जाना था: कृष्णा गौर

बीजेपी विधायक कृष्णा गौर ने कहा कि बाबा साहब का फोटो बहुत पहले लग जाना चाहिए था। कांग्रेस ने भीमराव अंबेडकर को स्थान नहीं दिया। भारतीय जनता पार्टी बाबा साहब को उनका स्थान दे रही है।

इंदर सिंह बोले- कांग्रेस का काम भ्रम फैलाना

पूर्व शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस का काम सिर्फ भ्रम फैलाना है। कांग्रेस डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं करती है।

कमलनाथ ने कहा- भाजपा ने मानसिकता का परिचय दिया

कमलनाथ से एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- विधानसभा से पंडित जवाहरलाल नेहरू का चित्र हटाया जाना अत्यंत निंदनीय है। मैं विधानसभा में संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर का चित्र लगाने का स्वागत करता हूं। बाबा साहेब के चित्र को विधानसभा में सम्मानित स्थान पर लगाया जा सकता था, लेकिन जानबूझकर पंडित नेहरू का चित्र हटाया गया।

मैं याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने घोषणा की थी कि मप्र में कांग्रेस सरकार बनने पर बाबा साहेब अंबेडकर की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाई जाएगी। भाजपा सरकार को अगर वास्तव में डॉ. अंबेडकर का सम्मान करना होता तो वह भी प्रदेश में बाबा साहेब की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाने की पहल करती न कि नेहरू की तस्वीर हटाकर अपनी छोटी मानसिकता का परिचय देती। मैं मांग करता हूं कि विधानसभा में पं. नेहरू का चित्र ससम्मान लगाया जाए। प्रदेश में डॉ. अंबेडकर की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण शुरू कराया जाए।

निर्विरोध चुने जाएंगे स्पीकर

विधानसभा में सोमवार को विधायक नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रस्ताव विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को सौंपा। प्रस्ताव का समर्थन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया। इस तरह विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन सर्वसम्मति से निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया है। इधर, कांग्रेस ने विधानसभा में उपाध्यक्ष उसे देने का आग्रह किया है।

उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि सत्तारूढ़ दल भाजपा को सहृदयता का परिचय देते हुए उपाध्यक्ष का पद विपक्ष कांग्रेस को देना चाहिए। अध्यक्ष का निर्वाचन 20 दिसंबर को होना है। मप्र में विधानसभा अध्यक्ष का पद सत्तारूढ़ दल और उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की परंपरा रही है, लेकिन 15 महीने की कांग्रेस सरकार में यह परंपरा टूट गई थी। तब अध्यक्ष (एनपी प्रजापति) और उपाध्यक्ष (हिना कांवरे) के दोनों पद कांग्रेस ने ले लिए थे। अब कांग्रेस भाजपा से उपाध्यक्ष का पद देने का आग्रह कर रही है।