आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में जातिगत सर्वे की घोषणा कर दी है। सियासी गलियारों में इसे गहलोत के मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है।
लेकिन यह फैसला चुनाव आचार संहिता लगने से ठीक पहले किया गया है, इसलिए इसके लागू होने पर अभी चुनाव आयोग की तलवार लटकी हुई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आचार संहिता लगने से पहले सर्वे शुरू हो जाएगा? चुनाव आयोग इसे रोक देगा, इसकी कितनी संभावनाएं हैं? क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़े स्टेट में ये सर्वे कैसे होगा? इस सर्वे के पीछे सरकार की क्या मंशा है?
मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- ऐसे ही सवालों के जवाब
जातिगत जनगणना या जातिगत सर्वे?
बिहार पहला राज्य है जहां की सरकार ने स्तर पर जातिगत सर्वे करवाया है और इसके आंकड़े भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब अगर राजस्थान में ये सर्वे पूरा होता है तो ऐसा करने वाला ये देश का दूसरा राज्य होगा। राजस्थान सरकार ने सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग और आयोजना विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी है। इस संबंध में विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि चूंकि जातिगत जनगणना तो केंद्र सरकार ही कर सकती है, इसलिए उसे ही करना चाहिए। हम तो सर्वेक्षण करवा रहे हैं, जिसमें आर्थिक-सामाजिक आधार पर पिछड़े लोगों के वास्तविक जीवन की स्थिति का पता लग सकेगा।
राहुल गांधी ने पांच दिन पहले ही एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर जातिगत जनगणना को देश हित में बताया था। उसके बाद मुख्यमंत्री ने भी यह घोषणा करते हुए इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। जातिगत सर्वे का मुख्य लक्ष्य एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और ओबीसी के लोगों की उस मांग को पूरा करना है, जिसमें लगातार यह कहा जा रहा है कि जिस जाति की जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी।
कौन करेगा सर्वे?
आयोजना विभाग को इसके लिए नोडल विभाग बनाया गया है। शनिवार देर रात को सरकारी अवकाश के दिन निर्देश जारी हुए हैं। अब सभी जिला कलेक्टरों को कहा गया है कि वे अपने जिले में कार्यरत सरकारी विभागों के कर्मचारियों को इस कार्य में लगाएं और जाति आधारित सर्वे को पूरा करें।
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने भास्कर को बताया कि प्रदेश में जाति आधारित सर्वे के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। संबंधित विभागों व कार्मिकों को भी दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।