सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन करते हुए, प्रो. उत्तम सिंह चौहान ने कहा कि, आज हम 14वां “राष्ट्रीय मतदाता दिवस” मनाने के लिए इकट्ठे हुए हैं। 2011 से भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा की निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र नियामक आयोग है। इसे 26 नवंबर 1949 से लागू किया गया है। यह एक संवैधानिक आयोग है, जिस पर विभिन्न प्रकार के चुनाव कराने की जिम्मेदारी रहती है। प्रो चौहान ने कहा कि, मानवीय चेतना स्वतंत्रता की मांग करती है। स्वतंत्रता वह सकारात्मक शक्ति है जो, करने योग्य है। व्यवस्था को चुनना एक सकारात्मक कृत्य है। हमारे अधिकार वह युक्ति युक्त मांगे हैं, जिन्हें समाज स्वीकार करता है।
लोकतंत्र वह व्यवस्था है, जिसमें सभी की सहभागिता होती है। समावेशी संस्कृति ही विमर्शी प्रजातंत्र का मूल है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के निदेशक रतन सूर्यवंशी ने कहा कि, हमारा देश एक अक्षुण लोकतंत्र है। भारतीय संविधान ने हमें मतदान का अधिकार दिया है, लेकिन यह चिंता की बात है कि, इसमें काफी लोग मतदान के प्रति उदासीन रहते हैं। उन्होंने 1952 से लेकर अभी तक के चुनाव में हुए मतदान प्रतिशतों का जिक्र करते हुए कहा कि, मतदान प्रतिशत चुनाव आयोग के लगातार प्रयासों से धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रो. सूर्यवंशी ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि, मतदान न करने वालों में ज्यादातर लोग शहरी युवा होते हैं। उन्होंने बताया कि, 61वें संविधान संशोधन के द्वारा मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 की गई। 2004 से चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम मशीन का प्रयोग किया जा रहा है।
2019 से V V PAT मशीन का इस्तेमाल पूरे भारत में हो रहा है। इसी के तहत भारत निर्वाचन आयोग ने महिलाओं के लिए पिंक बूथ बनवाए एवम 80 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए घर से वोटिंग की सुविधा देकर मतदाता प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए कई प्रकार के सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक मतदान हो सकें। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि, हमें खुद मतदान करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम के संयोजक विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुशील मंडेरिया ने कहा कि, आप सभी के मत से जुड़कर ही सरकार बनती है। हमारा मत निर्णायक होता है। मतदाता अपने विचार को वोट के माध्यम से प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि, अभी 30 लाख नए वोटर जुड़े हैं। आप अपना मत विचार व्यक्त करने में अवश्य दें। इस विचार से नई सरकार बनेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने कहा कि, इस कार्यक्रम का उद्देश्य है, “हम मतदान करें” स्व विवेक का इस्तेमाल कर उम्मीदवार का चयन करें और अपने आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें ।उन्होंने कहा यह चिंता का विषय है कि, पढ़े लिखे शिक्षित लोग भी वोट डालने नहीं जाते हैं।