आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट भोपाल में दीक्षांत समारोह के आठवें दिन मंगलवार को कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डायरेक्टर गौरव तिवारी ने कहा कि मैं आशा करता हूं कि सभी नव प्रवेशित छात्र आयुर्वेद का स्वर्णिम युग लेकर आएंगे और जगत में आयुर्वेद के शाश्वत सिद्धांत को सिद्ध करेंगे।

नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विश्व आयुर्वेद परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान अनादि और शाश्वत है। उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद मेडिसिन का मार्केट आज देश विदेश में तेजी से फैल रहा है। इन औषधियों का प्रयोग कॉस्मैटिक्स, न्यूट्रिएंट्स में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

इस मौके पर मानसरोवर आयुर्वेद महाविद्यालयों के डायरेक्टर डॉ. बाबुल ताम्रकर, मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अनुराग सिंह राजपूत, श्री साईं आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भारत चैरागड़े और फैकल्टी ऑफ आयुर्वेदा के प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह ने सभी अतिथियों के साथ दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

जीवन जीने की कला आयुर्वेद

आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की राह दिखाने वाला और जीवन जीने की कला सिखाने वाला ज्ञान है। ये वाक्य ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय के प्रो. वाइस चांसलर वैद्य कमलेश कुमार शर्मा ने कहे। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल पर वक्तव्य देते हुए कहा कि आप जिस भी व्यक्ति से मिले उसे ध्यानपूर्वक सुनना वैद्य के लिए चिकित्सा की कड़ी है। बीमार की मानसिक स्थिति को समझकर ही उसे संतुष्ट किया जा सकता है।

स्त्री रोग में कारगर आयुर्वेद

एआईआईए की वैद्य और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.कामिनी धीमान ने कहा कि आयुर्वेद स्त्री रोग में काफी कारगर है। आयुर्वेद में बीच संस्कार, गर्भ संस्कार, पुंसवन संस्कार आदि का वर्णन मिलता है। बांझपन, रजोनिवृत्ति जैसे रोगों का भी आयुर्वेद में कारगर उपाय है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद आने वाली समस्या और नवजात मृत्युदर और भ्रूण मृत्युदर पर कार्य करने की काफी संभावनाएं हैं।

कोड ऑफ कंडक्ट जाने

नवप्रवेशित विद्यार्थियों को रूल्स एंड रेगुलेशन और कोड ऑफ कंडक्ट के बारे में बताते हुए मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज की वैद्य डॉ. मनीषा राठी ने कहा कि मानसरोवर परिसर रैगिंग फ्री कैम्पस है। यहां पढ़ाई के साथ बहुत कुछ है सीखने के लिए लेकिन आपको पढ़ाई की नियमितता, हॉस्टल और लाइब्रेरी के नियमों का भी खास ख्याल रखना होगा।