आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएम नीतीश कुमार और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के बीच का विवाद थम नहीं रहा है। शुक्रवार को विधानसभा गेट पर धरने पर बैठे पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार के खाने में कोई विषैला पदार्थ मिला रहा है। उन्हें गद्दी से हटाने के लिए, किसी और को सीएम बनाने के लिए एक बड़ी साजिश रची जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘इसके कारण ही वह इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। कभी विधानसभा में महिलाओं पर विवादित टिप्पणी देते हैं, तो कभी मंत्री अशोक चौधरी के पिता को श्रद्धांजलि देने की बजाए जिंदा मंत्री पर ही फूल चढ़ाने लगते हैं।’

बता दें कि गुरुवार को विधानसभा में नीतीश कुमार ने जीतनराम मांझी को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि मेरी मूर्खता के कारण मांझी सीएम बने। इसके खिलाफ पूर्व सीएम आज विधानसभा में धरना दे रहे हैं। बीजेपी भी उनके साथ है। विपक्ष ने इसे दलित नेता का अपमान बताया है।

बीजेपी ने मांझी के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। नेता-प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ बड़ी साजिश हो रही है। जो उनके दल के लोग हैं, गठबंधन के लोग उनके खिलाफ साजिश कर सकते हैं। बिहार जैसे बड़े राज्य के लिए मांझी ने बड़ा खुलासा किया है।

मांझी ने कहा- लड्डू नहीं जहर खिलाना चाहते थे

हम प्रमुख मांझी ने आरोप लगाया, ‘राजद विधायक जो लड्डू उन्हें देने आए थे। उसमें भी जहर मिलाया गया था। जहर मिला लड्डू उन्हें खिलाना चाहते थे। दरअसल कल पास हुए आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सदन स्थगित होने के बाद राजद विधायक लड्डू लेकर आए थे। भाजपा विधायक ने लड्डू से भरा डब्बा फेंक दिया। इस पर विवाद हो गया।

इन वजहों से लगातार चर्चा में नीतीश

7 नवंबर को नीतीश जनसंख्या नियंत्रण पर विधानसभा में बयान दे रहे थे। उन्होंने सदन में कुछ ऐसा कहा जिसे हम लिख भी नहीं सकते। इसके बाद नीतीश का देशभर में विरोध शुरू हो गया।

7 नवंबर की सुबह नीतीश बिहार के मंत्री अशोक चौधरी के पिता स्व. महावीर चौधरी की पुण्यतिथि पहुंचे थे। वहां वे महावीर चौधरी को श्रद्धांजलि देने के बाद मंत्री पर ही फूल फेंकने लगे।

9 नवंबर को नीतीश सरकार ने विधानसभा से आरक्षण बिल को पास करवाया। इसे लेकर पूर्व सीएम मांझी ने आपत्ति जताई तो नीतीश आग बबूला हो गए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इसे सीएम बनाना मेरी मूर्खता थी।

18 सितंबर को नीतीश मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति शिवसागर राम गुलाम की जयंती कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने मंत्री अशोक चौधरी का सिर एक पत्रकार से टकरा दिया। ये तस्वीर भी उन दिनों विवादों में रही थी।

21 सितंबर को नीतीश पूर्व सीएम भोला पासवान की जयंती के कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंत्री अशोक चौधरी के कंधे पर सिर रख लिपट गए और कहा मैं इनसे बहुत प्रेम करता हूं।

बिहार विधानसभा में गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार और पूर्व जीतन राम मांझी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मांझी आरक्षण की समीक्षा की मांग कर रहे थे। तभी CM ने उन्हें बीच में ही टोका और कहा- मेरी मूर्खता से ये मुख्यमंत्री बने थे। इसे राज्यपाल बनने की चाहत है। मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसे गवर्नर क्यों नहीं बना देते हैं।