आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को ED के द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने जांच एजेंसी को सभी डॉक्यूमेंट्स जमा करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि ED की ओर से आरोपियों के कुछ दस्तावेज पेश करना अभी बाकी है। इसके लिए कोर्ट ने ED को 24 नवंबर तक का समय दिया है। इसी दिन अगली सुनवाई भी होगी। कोर्ट ने वकीलों से नाराजगी जताते हुए कहा कि CrPC की धारा 207 का पालन किया जाना चाहिए, जिससे जल्द से जल्द ट्रायल शुरू किया जा सके।
AAP नेता सिसोदिया पर दिल्ली शराब नीति में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। सिसोदिया को इसी साल 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। 269 दिन से जेल में बंद सिसोदिया लोवर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर चुके हैं। लेकिन अदालतों ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
कोर्ट इसके अलावा एक अन्य आरोपी बिनॉय बाबू की अंतरिम जमानत याचिका पर भी 24 नवंबर को सुनवाई करेगा। बिनॉय एक शराब कंपनी में जनरल मैनेजर के तौर पर काम करते थे। ED ने उन्हें दिल्ली शराब घोटाला मामले में ही पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था।
सिसोदिया के केस में अब तक क्या हुआ
दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया।
मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को CBI ने गिरफ्तार किया था। तब से वह हिरासत में हैं। ED ने तिहाड़ जेल में पूछताछ के बाद 9 मार्च को CBI की FIR से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 28 फरवरी को सिसोदिया ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 मई को CBI केस में सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उपमुख्यमंत्री और उत्पाद शुल्क मंत्री होने के नाते, वह एक हाई-प्रोफाइल व्यक्ति हैं जो गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
3 जुलाई को, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं।
पत्नी से मिलने के लिए कोर्ट ने दिया 6 घंटे का वक्त
मनीष सिसोदिया बीमार पत्नी सीमा से मिलने 11 नवंबर को सुबह 10 बजे घर पहुंचे थे। इसके बाद वो फिर से तिहाड़ जेल रवाना हो गए। कोर्ट ने उन्हें शाम 4 बजे तक यानी कुल 6 घंटे का वक्त दिया था। सिसोदिया ने 9 नवंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल कर बीमार पत्नी से मिलने के लिए 5 दिनों का समय मांगा था। कोर्ट ने उन्हें केवल एक दिन के लिए पत्नी सीमा से मिलने की इजाजत दे दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने 30 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए कहा- घोटाले से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं। इनमें 338 करोड़ का लेन-देन हुआ है, जिसमें सिसोदिया की भूमिका संदिग्ध लग रही है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को भी निर्देश दिया कि ट्रायल 6 से 8 महीने में पूरा करें। अगर ट्रायल में देर होती है तो सिसोदिया जमानत के लिए 3 महीने के अंदर दोबारा अपील कर सकते हैं।