आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपुर में जुलाई से लापता दो मैतेई स्टूडेंट्स की डेड बॉडीज की तस्वीरें सामने आने के बाद फिर हिंसा भड़क गई है। बुधवार को राजधानी इंफाल समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हुई।

प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे। इस हिंसा में 50 घायल हुए हैं जिनमें से ज्यादातर स्कूली छात्र हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि जिन इलाकों में हिंसा भड़की है उन्हें मणिपुर सरकार ने ‘शांतिपूर्ण’ घोषित कर AFSPA से दूर रखा है।

बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने थोबुल जिले में बीजेपी ऑफिस में भी आग लगा दी, उधर इंफाल में बीजेपी अध्यक्ष शारदा देवी के घर पर हमला किया और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का पुलता जलाया गया। इंफाल वेस्ट जिले में प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कलेक्टर के घर में आगजनी की कोशिश की। घर के कैंपस में खड़ी दो कारों को आग लगी दी और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए।

इंफाल में प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, नकली बम फेंके और पैलेट गन चलाई। इंफाल के सिंग जामेई इलाके के 20 साल के एस उत्तम नाम के छात्र के सिर में कई छर्रे घुसने से उसकी हालत गंभीर है।

हालांकि इस हिंसा के बाद राज्य में AFSPA फिर से छह महीने के लिए बढ़ाने का फैसला विवादों में आ गया है। जिन इलाकों में हिंसा हो रही है उन्हें शांतिपूर्ण बताकर उन्हें आर्म्ड फोर्सेज एक्ट से दूर रखा गया है।

श्रीनगर के SSP का मणिपुर ट्रांसफर, NIA और पुलवामा हमले की जांच टीम में रहे

केंद्र सरकार ने श्रीनगर के SSP राकेश बलवाल को जम्मू-कश्मीर से मणिपुर ट्रांसफर कर दिया है। बलवाल 2012 बैच के IPS अफसर हैं। वे 2021 के अंत में श्रीनगर के SSP बनाए गए थे। हिंसा के बीच उन्हें मूल कैडर मणिपुर भेजा गया है।

श्रीनगर SSP के रूप में कार्यभार संभालने से पहले बलवाल साढ़े 3 साल तक NIA में बतौर SP प्रतिनियुक्ति पर थे। बलावल उस टीम के मेंबर थे, जिसने 2019 पुलवामा आतंकी हमले की जांच की थी। इस हमले में 40 CRPF जवानों की जान चली गई थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने IPS राकेश बलवाल को AGMUT कैडर से मणिपुर कैडर में समय से पहले वापस भेजने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

जहां हिंसा हो रही, उन्हें बताया गया शांतिपूर्ण इलाक

27 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन में मैतेई बहुल 19 थानों को AFSPA कानून से दूर रखा गया है। यह 1 अक्टूबर से कुकी-नगा इलाकों में लागू होगा। जिन 19 थाना क्षेत्रों को AFSPA से अलग रखा गया है, उनमें इंफाल, लेंफेल, सिटी, सिंग्जमेई, सेकमई, लामसांग, पत्सोई, वांगोई, पोरोमपट, हेंगेंग, लामलाई, इरिलबुंग, लेमखोंग, थोबुल, बिष्णुपुर, नांबोल, मोइरोंग, काकचिंग और जिरिबम शामिल हैं। चौंकाने वाली बात है कि ये सभी मैतेई इलाके हैं। इन्हें छोड़कर राज्य के बाकी हिस्से को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया गया है।

CM बीरेन सिंह और सरकार पर मैतेई समर्थक होने के आरोप

CM बीरेन सिंह और सरकार पर पहले ही मैतेई समर्थक होने के आरोप लगते रहे हैं। ये फैसला विवादों में इसलिए है क्योंकि शांतिपूर्ण घोषित किए गए इंफाल, थोबुल में ही मैतेई लोगों की भीड़ ने आगजनी की और BJP दफ्तर जला दिया।

स्कूल खुलने के बाद इन्हीं इलाकों में स्टूडेंट इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। इसी के बाद हिंसा फिर भड़की और 50 लोग घायल हुए हैं। ऐसे में हिंसाग्रस्त इलाकों को शांतिपूर्ण बताकर AFSPA से दूर रखा जाना फिलहाल समझ से परे है।

इंफाल वेस्ट के डिप्टी कलेक्टर के घर पर हमला, कारें जलाईं

बुधवार रात करीब 11 बजे प्रदर्शनकारियों ने इंफाल वेस्ट जिले में डिप्टी कलेक्टर के घर पर हमला किया। उनके घर के कैंपस में खड़ी दो गाड़ियों में आग लगा दी, जबकि मेन गेट को तोड़ दिया। एक लैंप पोस्ट को जड़ से उखाड़ दिया और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए।

इन प्रदर्शनकारियों का मकसद डिप्टी कलेक्टर के घर में आग लगाना था। पुलिस को घर के कैंपस में पेट्रोल बम की बोतलें मिली हैं। प्रदर्शनकारियों ने सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिए और उन्हें नाले में फेंक दिया।