आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपुर के वांगू लाइफाम इलाके में मंगलवार शाम 3:30 बजे से 7:30 बजे के बीच काकचिंग पुलिस ने सर्च आपरेशन चलाया। इस दौरान घरों और पहाड़ी से बड़ी संख्या में हाईटेक हथियार और चीनी ग्रेनेड बरामद किए गए।

अधिकारियों ने आज सर्च ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक AK 47, एक इंसास राइफल, 5 SLR राइफल, एक .303 राइफल (मोडिफाइड), तीन .303 राइफल, दो एसबीबीएल, 11 HE ग्रेनेड, एक चीनी हैंड ग्रेनेड, एके-47 और इंसास राइफल की 1-1 खाली मैगजीन, SLR राइफल की 5 खाली मैगजीन, 6 डेटोनेटर, एक लोकल पाइप बम सहित कई हथियार मिले हैं।

सर्च ऑपरेशन के दौरान वांगू लाइफाम चिंग्या के कई घरों को खंगाला। सुरक्षाबलों की टीम ने पहाड़ी पर जाकर भी तलाशी ली। इस दौरान पहाड़ी पर कब्रिस्तान के पास से भी कुछ हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए। इससे पहले सोमवार को मणिपुर पुलिस ने म्यांमार के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था।

मणिपुर CM बोले- अवैध प्रवासियों को कभी नहीं अपनाएंगे

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार 24 अक्टूबर को कहा कि राज्य सामान्य स्थिति की तरफ बढ़ रहा है। जल्द ही यहां के लोग खुशी से रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी संगठन राज्य को टारगेट करने की साजिश रच रहे हैं।

उनकी सरकार राज्य में अवैध अप्रवासियों को कभी नहीं अपनाएगी। राज्य में रह रहे 34 स्वदेशी समुदायों को अपने ऐतिहासिक संबंधों को बनाए रखना चाहिए। वहीं, कुकी-जो समुदाय के संगठन इंडीजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने CM पर आरोप लगाया कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ही राज्य में जातीय दंगे भड़का रहे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल भी किया कि AFSPA को केवल घाटी क्षेत्रों से क्यों हटाया गया, पहाड़ी जिलों से क्यों नहीं?

म्यांमार के उग्रवादी संगठन के दो सदस्य गिरफ्तार

मणिपुर के चुराचांदपुर से सोमवार को म्यांमार के उग्रवादी संगठन चिन कुकी लिबरेशन आर्मी (CKLA) के दो सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। मणिपुर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दोनों उग्रवादियों को भारत-म्यांमार सीमा के पास चलजंग से पकड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि उनके कब्जे से AK-47, इंसास, स्नाइपर और M-16 राइफलों सहित 2.5 किलोग्राम अफीम और 4.86 लाख रुपए कैश बरामद किए गए। इससे पहले, 23 अक्टूबर को पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक अन्य उग्रवादी को भी गिरफ्तार किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

RSS चीफ का दावा- मणिपुर में हो रही हिंसा सोची-समझी साजिश

RSS चीफ मोहन भागवत ने मंगलवार 24 अक्टूबर को दावा किया कि मणिपुर में हो रही हिंसा सोची-समझी साजिश है। मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय सालों से एक साथ रहते हैं। इनके बीच सांप्रदायिक आग कैसे लगी? क्या हिंसा करने वाले लोगों में सीमा पार के कट्टरपंथी भी थे?

वहां सालों से सबकी सेवा करने वाले संघ जैसे संगठन को बिना कारण इसमें घसीटा गया। मणिपुर में अशांति और अस्थिरता से विदेशी सत्ता को फायदा हो सकता है। देश में मजबूत सरकार के होते हुए भी यह हिंसा किनके बलबूते इतने दिनों से चल रही है? इससे साफ है कि यह हो नहीं रहा है, करवाया जा रहा है।