आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपुर पुलिस ने बुधवार को 36 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसमें से कुछ लोग म्यांमार के है। इन पर एक दिन पहले टेंग्नौपाल जिले के मोरेह इलाके में पुलिस अफसर की हत्या और पुलिस कमांडो टीम पर हमला करने का आरोप है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने 44 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें 32 म्यांमार के नागरिक हैं। इन सभी लोगों से हमले को लेकर पूछताछ की जा रही है। मोरेह शहर को घेर लिया गया है। नाकाबंदी कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस कमांडो टीम पर फायरिंग में 3 जवान घायल हुए थे
मणिपुर में 31 अक्टूबर को पुलिस कमांडो की टीम पर फायरिंग हुई थी। इसमें 3 जवान घायल हुए थे, जिसमें 2 की हालत गंभीर है। टीम पर हमला उस वक्त हुआ था, जब वो SDOP चिंगथाम आनंद कुमार की हत्या वाले एरिया में तैनाती के लिए जा रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमांडो टीम पर टेंग्नौपाल जिले से 10 किमी पहले हमला हुआ था। वो मोरेह इलाके में बॉर्डर के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए जा रहे थे। हालांकि उन पर हमला किसने किया, इसकी अभी जानकारी नहीं है। सभी घायल जवानों को असम राइफल की टीम ने अस्पताल पहुंचा दिया था।
पुलिस का आरोप- कुकी मिलिटेंट ने SDOP पर फायरिंग की
मोरेह के बॉर्डर एरिया में हुई फायरिंग को लेकर पुलिस ने बताया था कि SDOP बॉर्डर टाउन में एक स्कूल में हेलिपैड के लिए जमीन की सफाई का काम देखने गए थे। उनके साथ स्टेट फोर्स और बीएसएफ के जवान भी थे। इसी दौरान कुकी मिलिटेंट ने उन पर स्नाइपर से हमला किया। SDOP को गोली लगने के बाद हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
दरअसल, कई हफ्तों से मोरेह के कुछ सिविल सोसाइटी संगठन सुरक्षाबलों को बॉर्डर टाउन इलाके से हटाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद ऐसी घटना सामने आई है। इस बीच, जुमे को सार्वजनिक छुट्टी (पब्लिक हॉलिडे) घोषित करने वाले जॉइंट स्टूडेंट्स बॉडी के मेंबर्स पर एफआईआर दर्ज की गई है।
राज्य सरकार ने आनंद के परिजन को 50 लाख रुपए की सहायता राशि दी है। साथ ही मोरेह और आसपास के इलाकों में आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
जुमे की छुट्टी की मांग करे रहे छात्रों पर केस
चुराचांदपुर के जॉइंट स्टूडेंट बॉडी (JBS) के मेंबर्स ने हाल ही में जुमे (शुक्रवार) को सरकारी दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की थी।
26 अक्टूबर को स्टूडेंट बॉडी ने बयान में कहा था कि हम इस कठिन समय में भी अपनी रहने की जगह पर ठीक से पढ़ाई करना चाहते हैं। इसके लिए हमने एक रेजोल्यूशन अपनाया है। हम सभी सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों और स्कूलों में रविवार की जगह शुक्रवार की छुट्टी रखना चाहते हैं। स्टूडेंट बॉडी ने 18 अगस्त को एक रेजोल्यूशन एडॉप्ट किया था, जिसमें सभी ऑफिसों और शिक्षण संस्धानों में छुट्टी की बात थी।
27 अक्टूबर को राज्य के मुख्य सचिव विनीत जोशी ने स्टूडेंट बॉडी के इस नोटिस को अवैध करार दिया। उन्होंने कहा- इस तरह की घोषणा जानबूझकर की जा रही है। यह राज्य में अशांति फैलाने के लिए किया जा रहा है। जनता इन पर भरोसा न करे।