आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में सोमवार को सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट में सुनवाई है। इसमें वादी ने राहुल को मुजरिम के तौर पर तलब करने की कोर्ट से अपील की है। इस पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। राहुल के खिलाफ यह मामला 5 साल पहले गुजरात में अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है।
मामले में 18 नवंबर को सुनवाई के बाद MP-MLA की स्पेशल कोर्ट के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने राहुल गांधी को तलब करने को लेकर फैसला सुरक्षित रखा था। 27 नवंबर यानी आज फैसले की तारीख तय की थी।
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला 4 अगस्त, 2018 को दायर हुआ था। इसे तब के सुल्तानपुर में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्र ने दायर किया था।
राहुल का वह बयान, जिस पर मानहानि का केस
इस मामले में वादी यानी विजय मिश्र के वकील संतोष पांडेय ने दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने बताया,”8 मई 2018 को बेंगलुरु में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने प्रेस कॉफ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने कहा था, “भाजपा जो कि ईमानदारी व स्वच्छता की राजनीति का दावा करती है। उसका राष्ट्रीय अध्यक्ष एक हत्यारा है। जज लोया केस में सुप्रीम कोर्ट में शाह को हत्या का अभियुक्त माना है।”
वादी विजय बोले-राहुल के बयान से भावनाएं आहत हुईं
इस मामले में वादी विजय मिश्र ने कहा कि राहुल के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुईं। क्योंकि, वह खुद भाजपा से जुड़े हुए थे। उनकी भी समाज में मानहानि हुई है। इसलिए, उन्होंने कोर्ट में इस मामले को लेकर केस दायर किया था।
इसमें विजय मिश्र ने रामचन्द्र और अनिल मिश्रा को बतौर 2 गवाह पेश किया था। विजय मिश्रा ने सबूत के तौर पर यूट्यूब और अन्य वेबसाइट्स पर चले राहुल के बयान को पेश किया था। उन्होंने वकील के माध्यम से कोर्ट में कहा था कि गवाहों के बयान व अन्य सबूत से राहुल को आरोपी के रूप में तलब करने के पर्याप्त साक्ष्य हैं।
5 साल में 9 सुनवाई, आज 10वीं
वकील संतोष पांडेय ने बताया कि 5 साल पुराने केस में अब तक 9 बार कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। आज 10वीं बार सुनवाई होनी है। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट आज राहुल गांधी को तलब करने का समन जारी करती है तो उनको कोर्ट में पेश होना होगा।
राहुल के खिलाफ दो धाराएं, दो साल की सजा का प्रावधान
राहुल गांधी मामले में धारा-499 और 500 में केस है। धारा-499 के मुताबिक, किसी के बारे में झूठी अफवाहें फैलाना, टिप्पणी करना, उसकी मानहानि करना। वहीं, धारा-500 में मानहानि के लिए दंड का प्रावधान हैं। इस मामले में दो साल तक के जेल की सजा का प्रावधान है।
अगर कोर्ट ने तलब किया तो फिर आगे क्या?
वकील वकील संतोष पांडेय के मुताबिक, अगर कोर्ट ने राहुल गांधी को तलब किया तो इसके लिए वारंट जारी होगा। इसमें उनको पेश होने का आदेश दिया जाएगा। इसके बाद, इस पक्ष में प्रतिवादी यानी राहुल गांधी की तरफ से वकील की एंट्री होगी। वह कोर्ट के समक्ष अपने पॉइंट रखेगा। अगर कोर्ट कन्विंन्स हुई तो वह राहुल को तलब होने से राहत दे सकती है। यानी, फिर इस मामले में वादी और प्रतिवादी दोनों होंगे।
मोदी सरनेम पर 2 साल की सजा, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी रोक
राहुल गांधी के मोदी सरनेम को लेकर दिए बयान पर गुजरात की सेशन कोर्ट ने 23 मार्च को फैसला सुनाया था। कोर्ट ने राहुल को अधिकतम दो साल की सजा दी थी। जिसके चलते उनकी सांसदी चली गई थी। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने सेशन कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राहुल गांधी की सांसदी फिर से बहाल हुई थी।