आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नोएडा के साउथ इंडियन बैंक में बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। यहां सहायक प्रबंधक ने अपनी मां और पत्नी के बैंक अकाउंट में निजी कंपनी के 28.7 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। एसोसिएट इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च फाउंडेशन कंपनी की तरफ से बैंक तक ये मामला पहुंचाए जाने के बाद हड़कंप मच गया।
बैंक की विजिलेंस जांच में इतनी बड़ी रकम किन अकाउंट में ट्रांसफर हुई, ये भी सामने आ गया। साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक दिल्ली रैनजीत आर नायक ने केस दर्ज कराया है। पुलिस ने सहायक प्रबंधक राहुल शर्मा, उनकी पत्नी भूमिका शर्मा और मां सीमा शर्मा समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। सभी आरोपी फरार हैं।
कंपनी ने ई मेल के जरिए की बैंक से शिकायत
रैनजीत आर नायक ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से सेक्टर-22 स्थित शाखा से गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। जिस पर विभाग ने अपनी विजिलेंस टीम से यहां की जांच कराई। जांच में पता चला कि सेक्टर-48 स्थित एसोसिएट इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च फाउंडेशन नामक कंपनी के खाते से सहायक बैंक प्रबंधक राहुल शर्मा ने 28.07 करोड़ रुपए अपनी पत्नी भूमिका शर्मा और मां सीमा समेत अन्य के खातों में ट्रांसफर कर कंपनी व बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में एसोशिएट इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने तीन, चार और छह दिसंबर को ईमेल से शिकायत दर्ज कराते हुए खाते से रुपए बिना अनुमति व जानकारी के ट्रांसफर करने के आरोप लगाए थे।
20 बार में रकम की गई ट्रांसफर
मां और पत्नी के खातों के अलावा कुछ अन्य बैंक खातों में 20 से अधिक बार में ये रकम ट्रांसफर की गई। परिवार से इतर कुछ और खातों में रकम इसलिए ट्रांसफर की गई, ताकि किसी को शक न हो। विजिलेंस टीम ने जांच में इसे पकड़ लिया। मूल रूप से हरियाणा के रोहतक में रहने वाला राहुल शर्मा वर्तमान में सेक्टर-27 में परिवार के साथ रहता है।
ACP अरविंद कुमार ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद पुलिस उन खातों की जांच कर रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है। इस संबंध में जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। पूरी योजना के तहत आरोपियों ने धोखाधड़ी की है।
8वीं पास चला रहा था योगी कॉर्पोरेशन: 1100 रुपए लेकर भाजपा वालों को जॉइन कराता था, गोरखनाथ मंदिर से सेल्फी भेजकर झांसे में लेता था
”सिर्फ 1100 रुपए से रजिस्ट्रेशन कराइए। हम आपको योगी कार्पोरेशन में आपको न केवल पद देंगे, बल्कि सीएम योगी से मिलवाएंगे। रजिस्ट्रेशन वाले कागज पर गोरखनाथ मंदिर के साथ सेल्फी का कवर रहता था। इस वजह से हमारी बात पर काफी लोग विश्वास कर लेते थे। हमारा निशाना सिर्फ भाजपा के नेता ही होते थे।” यह कहना है योगी कार्पोरेशन के मास्टरमाइंड केदारनाथ अग्रहरी उर्फ योगी केदारनाथ का।