सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। आयोग ने मूल Trinamool Congress नाम और उसके आरक्षित ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। यह याचिका पार्टी के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच आंतरिक विवाद में चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद दायर की गई है।

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को कहा था कि आगामी उपचुनावों में दोनों गुट “All India Trinamool Congress” नाम या आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। आयोग के अनुसार, इन पर किए जा रहे प्रतिस्पर्धी दावों का अंतिम निर्धारण Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 के Paragraph 15 के तहत किया जाना जरूरी है।

6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजिनगर में होने वाले उपचुनावों के लिए आयोग ने बाद में बनर्जी गुट को “Mamata All India Trinamool Congress” नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिह्न आवंटित किया। अरूप रॉय के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को “Democratic Trinamool Congress” नाम और ‘Envelope’ चिह्न दिया गया।

ममता बनर्जी ने इसी अंतरिम व्यवस्था को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है और चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कानूनी राहत मांगी है। उनकी याचिका में चुनाव आयोग और प्रतिद्वंद्वी गुट के प्रतिनिधियों को प्रतिवादी बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका को 21 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए उल्लेखित किए जाने की संभावना है। इस बीच, पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिह्न पर प्रतिस्पर्धी दावों से जुड़ी चुनाव आयोग की मुख्य कार्यवाही अभी लंबित है।


Hashtags: #WestBengal #TrinamoolCongress #MamataBanerjee #SupremeCourt #ElectionCommission #Nandigram #पशचमब #तणमलक #ममतबनरज #सपरम