सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान खानपान की परंपराओं को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर बाबा के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ विरोध के बाद कांग्रेस नेता अतनु दास को कोलकाता में आधी रात के आसपास गिरफ्तार किया गया।

विवाद की शुरुआत हावड़ा के लिलुआ में एक कार्यक्रम से हुई, जहां शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान मछली और मांस खाने की आलोचना की थी। उन्होंने लोगों से पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन से बचने की अपील की। उनके बयान पर राजनीतिक नेताओं और बंगाल समाज के कुछ वर्गों ने आपत्ति जताई। विरोधियों का कहना था कि मछली और मांस राज्य की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का हिस्सा हैं।

मामला तब और गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में प्रदर्शन किया और कथित तौर पर शास्त्री की तस्वीरें जलाईं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस आयुक्त को घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दास को आधी रात के आसपास गिरफ्तार किया गया और धार्मिक समूहों के बीच नफरत बढ़ाने तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और अलोकतांत्रिक बताया है।

इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और बंगाल के अन्य नेताओं ने शास्त्री की खानपान संबंधी टिप्पणियों से दूरी बनाई है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान मछली और मटन बंगाली परंपराओं का हिस्सा हैं। यह विवाद अब खानपान की आदतों से आगे बढ़कर पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक प्रथाओं और राजनीतिक स्वतंत्रता पर व्यापक बहस का रूप ले चुका है।


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