सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कइंटीग्रेटेड ट्रेडन्यूज़ भोपाल: भारत-मालदीव में चल रहे तनाव के बीच गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूगांडा की राजधानी कम्पाला में मालदील के विदेश मंत्री मोस्सा जमीर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच आपसी संबंध और भारतीय सैनिकों को निकालने के मुद्दे पर चर्चा हुई।

दरअसल, जयशंकर नॉन अलाइन्ड मूवमेंट (NAM) समिट के लिए यूगांडा गए हुए हैं। शुक्रवार से शुरू हो रहे इस समिट से पहले दोनों नेताओं की बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने मालदीव में चल रही विकास परियोजनाओं, SAARC और NAM की दोनों देशों की भागीदारी पर भी चर्चा की।

मीटिंग के बाद मालदीव के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम अपनी संबंध को मजबूत करने और इसे आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मालदीव हिंद महासागर में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है।

भारतीय सैनिकों को निकालने के लिए 15 मार्च की डेडलाइन

5 दिन पहले मालदीव में मौजूद भारतीय हाई कमिश्नर की मौजूदगी में हुई एक कोर कमेटी की बैठक के बाद मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने भारत को अपने सैनिक हटाने के लिए 15 मार्च तक की डेडलाइन दी थी।

उन्होंने कहा था कि भारतीय सैनिक मालदीव में नहीं रह सकते। राष्ट्रपति मुइज्जू और उनकी सरकार की यही नीति है। मालदीव के मीडिया ने वहां की सरकार के हवाले से बताया कि मालदीव में फिलहाल 88 भारतीय सैनिक मौजूद हैं। दोनों देशों के बीच सैनिकों को हटाए जाने से जुड़ी बातचीत के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है।

मालदीव के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की भारत फंडिंग कर रहा

पिछली सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस के साथ ही कई दूसरे मुद्दों पर द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत हुई थी। पिछले साल अगस्त में PM मोदी ने मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच भारत की फंडिंग वाला ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) शुरू हुआ था।

यह मालदीव का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसके तहत राजधानी माले को विलिंग्ली, गुलहिफाल्हू और थिलाफुशी जैसे द्वीपों से जोड़ने के लिए 6.74 किलोमीटर लंबा पुल और कॉजवे लिंक बनाया जाएगा। इससे पहले मई 2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मालदीव गए थे। इस दौरान उन्होंने पड़ोसी देश को एक फास्ट पैट्रोलिंग वेसल और लैंडिंग एयरक्राफ्ट सौंपा था।

हालांकि, अक्टूबर 2023 में मालदीव में हुए राष्ट्रपचति चुनाव के दौरान मोहम्मद मुइज्जू ने इंडिया आउट का नारा दिया था। यह अभियान इस बात पर आधारित था कि भारतीय सैनिकों की मौजूदगी मालदीव की संप्रभुता के लिए खतरा है। मुइज्जू नवंबर में चुनाव जीतकर मालदीव के राष्ट्रपति बन गए। इसके तुरंत बाद उन्होंने भारतीय सैनिकों को वापस भेजने की बात कही।