आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद के शीतकालीन सत्र के 5वें दिन एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा पर लगे कैश फॉर क्वेरी आरोप पर रिपोर्ट पेश की। कमेटी के चेयरमैन और भाजपा सांसद विजय सोनकर ने रिपोर्ट सदन में रखी।
इस रिपोर्ट में महुआ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही उन्हें संसद से सस्पेंड करने की भी सिफारिश की गई। हालांकि लोकसभा में रिपोर्ट पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
महुआ को सदन से तभी सस्पेंड किया जा सकता है, जब सदन पैनल की सिफारिश के पक्ष में वोटिंग करेगा। BJP ने गुरुवार को लोकसभा में अपने सभी सांसदों को मौजूद रहने के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी किया था, ताकि वोटिंग के दौरान सांसदों की स्ट्रेंथ पूरी रहे।
रिपोर्ट पेश होने के बाद TMC सांसदों की अगुआई में विपक्ष ने सदन में मोदी सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में रिपोर्ट पेश होने के दौरान महुआ भी सदन में मौजूद थीं। संसद पहुंचने पर महुआ ने मीडिया से बातचीत में कहा- मां दुर्गा आ गई हैं, अब देखिए क्या होता है। जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। उन्होंने ‘वस्त्रहरण’ से शुरुआत की अब आप ‘महाभारत का रण’ देखेंगे।
उधर कांग्रेस लोकसभा चीफ व्हिप के सुरेश ने कहा- अगर रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा के सस्पेंशन की बात कही गई है, तो हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे इंसाफ का मजाक उड़ाना बताया। थरूर बोले- ये रिपोर्ट आधी-अधूरी है।
ऐसा लगता है ढाई मिनट में किसी ने तैयार कर दी हो। आरोप लगाने वालों से जिरह करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। सीधे संसद सदस्य के सस्पेंशन पर पहुंचना वास्तव में अपमानजनक है।
महुआ का निष्कासन कैसे संभव
महुआ पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश होने से पहले चौथे दिन की कार्यवाही के बाद विपक्षी सदस्यों ने कहा कि मोइत्रा पर निर्णय लेने से पहले सिफारिशों पर चर्चा होनी चाहिए। बसपा सांसद दानिश अली ने गुरुवार को कहा- अगर रिपोर्ट पेश की जाती है, तो हम पूरी चर्चा हो सके, इस पर जोर देंगे क्योंकि मसौदा ढाई मिनट में अपनाया गया था।
विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली एथिक्स कमेटी ने 9 नवंबर को सब्मिट की गई अपनी रिपोर्ट में कैश-फॉर-क्वेरी आरोप में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश की है। हालांकि मोइत्रा को केवल तभी निष्कासित किया जा सकता है, जब सदन पैनल की सिफारिश के पक्ष में वोटिंग करेगा।
पहले दिन की कार्यवाही- PM मोदी बोले- पराजय का गुस्सा सदन में न निकालें
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 4 दिसंबर से शुरू हुआ। यह सेशन 22 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिन के दौरान दोनों सदनों में 15 बैठके होंगी। लोकसभा में PM नरेंद्र मोदी के पहुंचते ही NDA के सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से कहा- बाहर मिली पराजय का गुस्सा सदन में मत निकालिए।