आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद में सवाल के बदले पैसे (कैश फॉर क्वेरी) लेने के मामले में TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई को क्रॉस एग्जामिन करने की मांग की है।

महुआ ने 31 अक्टूबर को लोकसभा की एथिक्स कमेटी को लेटर लिखा। इसमें TMC सांसद ने कहा- हीरानंदानी और देहाद्राई ने मेरे खिलाफ लगाए आरोपों का सबूत नहीं दिया है। इसलिए मैं दोनों को क्रॉस एग्जामिन करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहती हूं।

कैश फॉर क्वेरी मामले में महुआ 2 नवंबर को एथिक्स कमेटी के सामने पेश होंगी। 31 अक्टूबर को दिल्ली रवाना होने से पहले महुआ ने कहा- 2 नवंबर को सारे झूठ ध्वस्त कर दूंगी। अगर मैंने एक भी रुपया लिया होता, तो भाजपा तुरंत मुझे जेल में डाल देती।

भाजपा मुझे संसद से सस्पेंड कराना चाहती है। सच तो यह है कि वे मेरा बाल भी बांका नहीं कर सकते। एथिक्स कमेटी के पास क्रिमिनल जुरिसडिक्शन नहीं है। उनके पास इस मामले की जांच का अधिकार नहीं है। ये काम इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों का है।

एथिक्स कमेटी प्राइवेट मैटर की जांच के लिए सही जगह नहीं

महुआ ने कहा- 2021 के बाद एथिक्स कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई है। कमेटी ने अभी तक अपना मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तैयार नहीं किया है। अगर मुझ पर कोई आपराधिक आरोप है तो जांच एजेंसियों को जांच करनी चाहिए। एथिक्स कमेटी किसी के प्राइवेट मैटर की जांच के लिए सही जगह नहीं है।

क्या है पूरा मामला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे। इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया।

निशिकांत ने 21 अक्टूबर को महुआ पर एक और गंभीर आरोप लगाया। निशिकांत ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा- कुछ पैसे के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रख दिया। मैंने इसे लेकर लोकपाल से शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि दुबई से संसद की ID खोली गई, जबकि उस वक्त वो कथित सांसद भारत में ही थीं। इस नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) पर पूरी भारत सरकार है। देश के प्रधानमंत्री, वित्त विभाग, केन्द्रीय एजेंसी यहां हैं। क्या अब भी TMC व विपक्षी दलों को राजनीति करनी है। निर्णय जनता का है। NIC ने यह जानकारी जांच एजेंसी को दे दी है।

एथिक्स कमेटी ने 27 अक्टूबर को महुआ को समन भेजा और 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। महुआ ने इसी दिन एथिक्स कमेटी को लिखा था कि वे 5 नवंबर के बाद ही मौजूद हो पाएंगी। 28 अक्टूबर को एथिक्स कमेटी ने महुआ को 2 नवंबर को पेश होने को कहा।

केस से जुड़े 4 किरदार…

  1. महुआ मोइत्राः अमेरिका में पढ़ीं, लंदन में नौकरी और बंगाल में राजनीति

इस केस की मुख्य पात्र महुआ मोइत्रा हैं, जिन पर सारे आरोप हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा मूलत: बैंकर हैं। बेसिक एजुकेशन के बाद मोइत्रा हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी।

कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में कूदीं। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं।