आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कैश फॉर क्वेरी केस में TMC सांसद महुआ मोइत्रा की 8 दिसंबर को सांसदी चली गई थी। इस फैसले के खिलाफ महुआ ने 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई।

महुआ के वकील अभिषेक सिंघवी ने जस्टिस संजय किशन कौल और सुधांशु धूलिया की बेंच के समक्ष याचिका पर तुरंत सुनवाई की मांग की थी।

बुधवार को जस्टिस कौल ने कहा- इस याचिका पर CJI चंद्रचूड़ फैसला लेंगे। CJI उन पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का नेतृत्व कर रहे हैं, जो बुधवार को एक मामले की सुनवाई के लिए बैठी थी।

महुआ से सरकारी बंगला खाली कराने का आदेश देने की मांग

लोकसभा से निष्कासित TMC नेता महुआ मोइत्रा को जल्द ही सरकारी बंगला खाली करना पड़ सकता है। संसद की हाउसिंग कमेटी ने केंद्रीय आवास मंत्रालय को मंगलवार पत्र लिखा है, जिसमें पूर्व सांसद महुआ को सरकारी बंगला खाली कराने का आदेश देने की मांग की गई है।

महुआ मोइत्रा की 8 दिसंबर 2023 को कैश फॉर क्वेरी केस में सांसदी चली गई थी। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि उन्होंने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी।

एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में महुआ को दोषी माना गया था, जिसके बाद महुआ के निष्कासन का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश हुआ था। महुआ के निष्कासन पर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें विपक्ष वॉकआउट किया था। वोटिंग में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने प्रस्ताव पास हो गया।

केस से जुड़े 4 किरदार…

  1. महुआ मोइत्राः अमेरिका में पढ़ीं, लंदन में नौकरी और बंगाल में राजनीति

इस केस की मुख्य पात्र महुआ मोइत्रा हैं, जिन पर सारे आरोप हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा मूलत: बैंकर हैं। बेसिक एजुकेशन के बाद मोइत्रा हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी।

कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में कूदीं। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं।

  1. निशिकांत दुबेः राजनीति में आने से पहले कॉर्पोरेट वर्ल्ड में थे

इस कहानी में दूसरा अहम किरदार भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का है। 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे और तोहफे लिए थे।

गोड्डा झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 2009 में राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वे एस्सार ग्रुप में कॉर्पोरेट हेड थे। उन्होंने 2009 में गोड्डा से पहला चुनाव जीता था। इसके बाद 2014 और 2019 में भी जीत हासिल की।