आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कैश फॉर क्वेरी केस में फंसी तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लेकर लोकसभा की एथिक्स कमेटी सोमवार, 4 दिसंबर, को रिपोर्ट पेश करेगी। इस रिपोर्ट में महुआ को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की गई है। अगर लोकसभा में पैनल की इस रिपोर्ट के सुझाव के समर्थन में वोट पड़ते हैं, तो मोइत्रा को सदन से निष्कासित कर दिया जाएगा।
सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस सत्र को लेकर लोकसभा सेक्रेटेरिएट ने एजेंडा पेपर्स जारी किया है, जिसके मुताबिक एथिक्स कमेटी के चेयरपर्सन विनोद कुमार सोनकर पैनल की पहली रिपोर्ट पेश करेंगे।
कमेटी के 6 सदस्यों ने रिपोर्ट के समर्थन में वोट किया
कमेटी ने 9 नवंबर की मीटिंग में इस रिपोर्ट को स्वीकार किया था। एथिक्स कमेटी के छह सदस्यों ने इस रिपोर्ट के समर्थन में वोट किया था। इसमें कांग्रेस सांसद प्रिनीत कौर भी शामिल थीं। इस रिपोर्ट के खिलाफ वोट करने वाले चार सदस्य विपक्षी दलों से थे।
पैनल में विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस रिपोर्ट को फिक्स्ड मैच बताया है। उनका कहना है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की तरफ दर्ज कराई गई शिकायत को पैनल ने रिव्यू किया है, लेकिन इस शिकायत के समर्थन में एक भी सबूत नहीं है।
अब पढ़िए मोइत्रा को लेकर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में क्या-क्या है…
महुआ मोइत्रा का अकाउंट जुलाई 2019 से अप्रैल 2023 के बीच UAE से 47 बार ऑपरेट हुआ था। इस दौरान 2019 से सितंबर 2023 के बीच वह चार बार UAE गई थीं। सूत्रों ने बताया कि एक ही IP एड्रेस से किसी ने 47 बार लॉग इन किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा द्वारा पूछे गए 61 सवालों में से 50 सवाल बिजनेमसमैन दर्शन हीरानंदानी की पसंद के थे। दर्शन हीरानंदानी विदेश में रहते हैं। आचार समिति ने बताया है कि पासवर्ड शेयर करने से गुप्त जानकारी विदेशी एजेंसियों के हाथ लग सकती है।
एथिक्स कमेटी के हवाले से सूत्रों ने बताया कि संसदीय लॉगिन शेयर करने का मतलब बाहरी लोगों को ऐसे कई संवेदनशील दस्तावेज मिल सकते हैं जो सांसदों के साथ पहले से शेयर किए जाते हैं।
समिति ने बताया कि जम्मू और कश्मीर परिसीमन विधेयक 2019, ट्रिपल तलाक समेत करीब 20 विधेयक पब्लिक डोमेन में आने से पहले ही सांसदों के साथ शेयर किए गए थे। समिति ने कहा कि ऐसे दस्तावेजों के संभावित लीक से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।