आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने (कैश फॉर क्वेरी) के मामले में महुआ मोइत्रा को लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने समन जारी किया है। उन्हें 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
इधर, महुआ ने पेशी के लिए कमेटी से और समय मांगा है। महुआ ने सोशल मीडिया पर लिखा- एथिक्स कमेटी अध्यक्ष ने मुझे ईमेल करने से बहुत पहले लाइव टीवी पर मेरे समन की घोषणा कर दी थी। सभी शिकायतें और हलफनामे भी मीडिया में जारी किए थे, लेकिन मैं 4 नवंबर को पहले से तय चुनावी कार्यक्रम खत्म होने के बाद ही जवाब देने आ सकूंगी।
इससे पहले 26 अक्टूबर को एथिक्स कमेटी ने दोपहर में करीब 3 घंटे की मीटिंग की थी। कमेटी ने आयकर विभाग और गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर महुआ मोइत्रा केस से जुड़ी जानकारी मांगी है।
कमेटी ने गृह मंत्रालय से महुआ के पिछले 5 सालों के फॉरेन टूर का ब्योरा मांगा है। कमेटी ये जांच करेगी कि महुआ देश के बाहर कहां-कहां गईं और उन्होंने इसके बारे में लोकसभा में जानकारी दी या नहीं। इसके बाद इनसे उनके सांसद ID पर लॉगइन का मिलान किया जाएगा। मोइत्रा से जुड़े विवाद में IT मंत्रालय से पहले ही जानकारी मांगी जा चुकी है।
क्या है पूरा मामला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे। इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया।
निशिकांत ने 21 अक्टूबर को महुआ पर एक और गंभीर आरोप लगाया। निशिकांत ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा- कुछ पैसे के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रख दिया। मैंने इसे लेकर लोकपाल से शिकायत की है।
उन्होंने कहा कि दुबई से संसद की ID खोली गई, जबकि उस वक्त वो कथित सांसद भारत में ही थीं। इस नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) पर पूरी भारत सरकार है। देश के प्रधानमंत्री, वित्त विभाग, केन्द्रीय एजेंसी यहां हैं। क्या अब भी TMC व विपक्षी दलों को राजनीति करनी है। निर्णय जनता का है। NIC ने यह जानकारी जांच एजेंसी को दे दी है।
केस से जुड़े 4 किरदार…
- महुआ मोइत्राः अमेरिका में पढ़ीं, लंदन में नौकरी और बंगाल में राजनीति इस केस की मुख्य पात्र महुआ मोइत्रा हैं, जिन पर सारे आरोप हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा मूलत: बैंकर हैं। बेसिक एजुकेशन के बाद मोइत्रा हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी।
कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में कूदीं। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं।