आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कैश-फॉर-क्वेरी मामले में पूर्व TMC सांसद महुआ मोइत्रा के केस में सुप्रीम कोर्ट 11 मार्च के बाद सुनवाई करेगा। महुआ ने निष्कासन को चुनौती देते हुए लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने की परमिशन के लिए याचिका लगाई थी। जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने लोकसभा के महासचिव को नोटिस जारी किया है और उनसे 2 हफ्ते में जवाब मांगा है।
इससे पहले 15 दिसंबर को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच में मामले की सुनवाई हुई थी। महुआ के वकील अभिषेक मनु सिंघवी केस पर जल्द सुनवाई की मांग की थी। इस पर जस्टिस कौल ने कहा था- इस याचिका पर CJI डीवाई चंद्रचूड़ फैसला लेंगे।
संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने (कैश फॉर क्वेरी) के केस में TMC नेता महुआ मोइत्रा को लोकसभा से 8 दिसंबर को निष्कासित कर दिया गया था।
जय अनंत ने लगाया जासूसी का आरोप
वकील जय अनंत देहाद्राई ने उनकी जासूसी करने का आरोप लगाया है। देहाद्राई ने गृह मंत्री अमित शाह और CBI चीफ प्रवीण सूद को लेटर लिखकर इस मामले में जांच की मांग की है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, देहाद्राई ने यह लेटर 29 दिसंबर 2023 को लिखा। इसमें देहाद्राई ने कहा- महुआ मोइत्रा बंगाल पुलिस के सीनियर अधिकारियों की मदद से मेरी जासूसी करवा रही है। मुझे शक है कि मेरे फोन नंबर के जरिए मेरा लोकेशन ट्रैक किया जा रहा है।
देहाद्राई के मुताबिक, महुआ पहले भी ऐसा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा- महुआ 2019 में सुहान मुखर्जी नाम के एक शख्स का लोकेशन भी ट्रैक करवाती थीं। पूर्व TMC सांसद ने मुझे खुद इसकी जानकारी दी थी।
महुआ तब सुहान के साथ रिलेशनशिप में थी। उन्हें शक था कि सुहान का एक जर्मन महिला के साथ संबंध है। इसलिए महुआ उनकी कॉल डिटेल्स निकलवाती थी। सुहान किससे बात करते हैं, कहां जाते हैं, महुआ को सब पता होता था।
महुआ ने देहाद्राई के खिलाफ पोस्ट डिलीट की
जय अनंत देहाद्राई के आरोपों के बाद महुआ मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने तंज कसते हुए लिखा- मैं गृह मंत्रालय से आग्रह करती हूं कि भारत के सभी एक्स बॉयफ्रेंड्स की शिकायतों की जांच के लिए एक स्पेशल CBI डायरेक्टर नियुक्त किया जाए। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद महुआ ने ये पोस्ट डिलीट भी कर दिया।
BJP सांसद ने लगाए थे महुआ पर आरोप
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि उन्होंने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी।
एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में महुआ को दोषी माना गया था, जिसके बाद महुआ के निष्कासन का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश हुआ था। महुआ के निष्कासन पर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें विपक्ष वॉकआउट किया था। वोटिंग में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने प्रस्ताव पास हो गया।
कैश फॉर क्वेरी केस से जुड़े 4 मुख्य किरदार…
कैश फॉर क्वेरी केस में मुख्य रूप से चार किरदार रहे हैं। TMC नेता महुआ मोइत्रा, BJP सांसद निशिकांत दुबे, वकील जय अनंत देहाद्राई और रियल एस्टेट कंपनी हीरानंदानी ग्रुप के CEO दर्शन हीरानंदानी।
- महुआ मोइत्राः अमेरिका में पढ़ीं, लंदन में नौकरी और बंगाल में राजनीति
इस केस की मुख्य पात्र महुआ मोइत्रा हैं, जिन पर सारे आरोप हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा मूलत: बैंकर हैं। बेसिक एजुकेशन के बाद मोइत्रा हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी।
कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में कूदीं। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं।