आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में घिरीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा 2 नवंबर को सुबह 10:50 बजे संसद की एथिक्स कमेटी के दफ्तर पहुंची थीं। पूछताछ बीच में ही छोड़कर महुआ करीब पौने 4 घंटे बाद कमेटी के दफ्तर से नाराज होकर बाहर निकलीं। उन्होंने कमेटी के चेयरमैन पर अपमानजनक सवाल करने के आरोप लगाए।
महुआ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा- कमेटी के चेयरपर्सन विनोद सोनकर ने बाकी सदस्यों के सामने शब्दों से उनका वस्त्रहरण किया और जानबूझकर अपमानजनक सवाल किए।
महुआ के इन आरोपों पर BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- एथिक्स कमेटी अध्यक्ष सोनकर ने महुआ से टिकट व होटल का बिल मांगा था। यदि इसके अलावा उन्होंने महुआ के किसी भी पुरुष मित्र या होटल में उसके साथ रुकने का प्रश्न पूछा होगा तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।
निशिकांत दुबे ने ही 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर से महुआ की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लिए थे। उन्होंने हीरानंदानी को अपना संसद का लॉगिन-पासवर्ड भी दे दिया था। दुबे ने महुआ का लॉगिन दुबई से इस्तेमाल होने का आरोप लगाया था।
महुआ के एथिक्स कमेटी पर आरोप के बाद बयान…
TMC ने एथिक्स कमेटी के चेयरमैन की तुलना धृतराष्ट्र से की। वहीं बाकी सदस्यों को दुर्योधन बताया। मंत्री शशि पांजा ने कहा- पैनल ने एक निर्वाचित महिला सांसद के खिलाफ सुनवाई के दौरान उनका अपमान किया। जब पैनल के सदस्य दुर्योधन की तरह आनंद ले रहे थे, तो अध्यक्ष धृतराष्ट्र की तरह बैठे थे।
कांग्रेस के सांसद उत्तम रेड्डी ने कहा कि महुआ मोइत्रा को निशाना बनाया जा रहा है। मैंने महुआ मोइत्रा से कोई असंसदीय भाषा नहीं सुनी है। निशिकांत दुबे को भाजपा, महुआ पर निशाना साधने के लिए प्वाइंट मैन के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
एथिक्स कमेटी में पूछताछ, बायकॉट और उसके बाद महुआ के बयान…
- कमेटी का नाम बदल देना चाहिए, क्योंकि इसमें नैतिकता नहीं बची: महुआ ने कहा- समिति को एथिक्स कमेटी (आचार समिति) के बजाय कोई अन्य नाम देना चाहिए, क्योंकि इसमें कोई नैतिकता नहीं बची है।चेयरपर्सन ने दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक तरीके से सवाल किए। वहां मौजूद 11 में से 5 सदस्यों ने पूछताछ का बहिष्कार किया।
- महुआ ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लेटर लिखा: इस चिट्ठी में चेयरपर्सन विनोद सोनकर का बर्ताव अनैतिक, घिनौना और पूर्वाग्रह से भरा बताया। महुआ ने ये अनुरोध भी किया कि पोर्टल के लॉगिन और पासवर्ड को साझा करने वाले नियमों का खुलासा करें। ये कभी सांसदों को क्यों नहीं बताए जाते। यदि वे (नियम) थे तो हरेक सांसद इस ID और लॉगिन को कई लोगों के साथ साझा क्यों कर रहा है?
- मेरी गरिमा को तार-तार करने वाले प्रश्न पूछे : मैंने बार-बार विरोध जताया, ये कार्यवाही के रिकॉर्ड में है। एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष मुझसे मुद्दे से संबंधित प्रासंगिक कोई भी सवाल जैसे लॉगिन, गिफ्ट लेने के आरोप…लेकिन इन पर कोई प्रश्न नहीं हुआ। एक महिला के रूप में मेरी गरिमा को तार-तार करने वाले व्यक्तिगत सवाल पूछे गए।
- ‘चेयरमैन पूछते हैं- रात में किससे बात करती हैं’ : महुआ मोइत्रा, दानिश अली और अन्य विपक्षी सांसद भड़कते हुए गुरुवार दोपहर 3:35 बजे एथिक्स कमेटी के दफ्तर से बाहर निकले। जब इनसे गुस्से का कारण पूछा गया तो दानिश अली बोले- चेयरमैन पूछ रहे हैं कि रात में किससे बात करती हैं, क्या बात करती हैं। ये कैसी एथिक्स कमेटी है, जो अनैतिक सवाल पूछ रही है।