आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप में घिरीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी ने मंगलवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की चिट्‌ठी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच करने में नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) पूरा सहयोग करेगा।

इस पर महुआ ने कहा- अश्विनी वैष्णव ने फेक डिग्री वाले को चिट्‌ठी लिखी है कि मेरे खिलाफ जांच में सपोर्ट करेंगे। मैं अब तक इंतजार कर रही हूं कि पिछले साल जब फर्जी दुबे अपने बच्चों के साथ अवैध तरीके से एयरपोर्ट के ATC रूम में घुस गए थे। गृह मंत्रालय, नागरिक उड्‌डयन मंत्रालय इसकी जांच कब करेगा। भाजपा के हिट जॉब की परतें खुल रही हैं।

महुआ ने एक और पोस्ट में लिखा- झूठ कौन बोल रहा है? दो दिन पहले फेक डिग्री वाले ने कहा- NIC ने दुबई से लॉगइन खोले जाने समेत सभी जानकारियां जांच एजेंसी को दे दी हैं। अब अश्विनी वैष्णव कह रहे हैं कि लोकसभा या एथिक्स कमेटी ने जानकारी मांगी तो हम देंगे। भाजपा के मुझ पर हमलों का स्वागत है, लेकिन अडानी+गोड्डा (दुबे) शायद सर्वश्रेष्ठ रणनीतिकार नहीं हैं।

इस पर दुबे ने कहा- सवाल संसद की गरिमा, भारत की सुरक्षा व कथित सांसद की मालिकाना हक, भ्रष्टाचार और आपराध का है। जबाब देना है कि दुबई में NIC मेल खुला की नहीं? पैसे के बदले प्रश्न पूछे कि नहीं? विदेश जाने आने के खर्च किसने उठाए? कभी लोकसभा स्पीकर या विदेश मंत्रालय से विदेश जाने की परमिशन ली या नहीं। सवाल अडाणी, डिग्री या चोरी का नहीं। देश को गुमराह कर आपके भ्रष्टाचार का है।

निशिकांत दुबे का आरोप- दुबई से खोली गई महुआ की लोकसभा ID

दरअसल, निशिकांत दुबे ने 21 अक्टूबर को महुआ की लोकसभा ID दुबई से खोले जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि उस समय सांसद भारत में थीं। NIC पर पूरी भारत सरकार है। देश के प्रधानमंत्री जी, वित्त विभाग, केन्द्रीय एजेंसी। क्या अब भी विपक्षियों को राजनीति करना है। निर्णय जनता का। NIC ने यह जानकारी जांच एजेंसी को दे दी है।

NIC केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के अंतर्गत आता है, जो अश्विनी वैष्णव देखते हैं। दुबे ने मामले की जांच के लिए वैष्णव को चिट्‌ठी लिखी थी, जिसके जवाब में IT मंत्री ने कहा कि लोकसभा सचिवालय की ओर से जांच के लिए जो भी जानकारी मांगी जाएगी, उसे उपलब्ध करवाया जाएगा।

वैष्णव ने पत्र में लिखा- दुबे ने अहम मुद्दे उठाए

निशिकांत दुबे के पत्र के जवाब में अश्विनी वैष्णव ने लिखा कि नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर से जो संस्थान सेवाएं लेते हैं, उनके निर्देशों पर ही NIC काम करता है। सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर NIC भारत सरकार के कई संस्थानों को IT सर्विस देने का काम करता है।

यूजर एक्सेस और वेबसाइट पॉलिसी से जुड़े मामले उन संस्थानों के दायरे में आते हैं, जो हमसे सेवाएं लेते हैं। लोकसभा वेबसाइट के मामले में लोकसभा स्पीकर के तहत आने वाला लोकसभा सेक्रेटेरिएट NIC से सेवाएं लेता है। जो मुद्दे आपने अपने पत्र में उठाए हैं, वे निश्चित तौर पर बहुत अहमियत रखते हैं।

आपने पत्र में जो मामला उठाया है, फिलहाल लोकसभा की एथिक्स कमेटी उसकी जांच कर रही है। इस मामले में लोकसभा सेक्रेटेरिएट की तरफ से जो निर्देश आएंगे, NIC तुरंत उनका पालन करेगा। एथिक्स कमेटी की जांच में NIC अपना पूरा सहयोग देगी।