आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : महिला पहलवानों के यौन शोषण के केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हो रही है। इस दौरान भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष एवं BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी कोर्ट में पहुंचे। उन पर चार्ज फ्रेम करने पर बहस हो रही है।

इससे पहले बृजभूषण सिंह को इसी केस में जमानत मिल चुकी है। जिसके बाद से ही कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है।

दरअसल, इसी साल जनवरी में पहली बार रेसलर्स बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट सहित कुछ अन्य पहलवानों ने तत्कालीन भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया था। हालांकि उसके कुछ दिनों बाद ही पहलवानों ने धरना खत्म कर दिया था। बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों को लेकर जून माह में एक बार फिर रेसलर्स धरने पर बैठ गए थे।

बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की थी। उसके बाद से ही कोर्ट में लगातार इस केस पर सुनवाई चल रही है। पिछली तारीख पर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के सामने दलील देते हुए कहा था कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

कोर्ट ने बृजभूषण को 20 जुलाई को दी थी जमानत

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने 20 जुलाई को बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को जमानत दे दी थी। दिल्ली पुलिस ने 15 जून को कोर्ट में 6 बार के सांसद बृजभूषण के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न), धारा 354 डी (पीछा करना) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दायर किया था।

रेसलर्स के धरने में अब तक क्या हुआ?

18 जनवरी को जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक के साथ बजरंग पूनिया ने धरना शुरू किया। आरोप लगाया कि WFI के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया।

21 जनवरी को विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों से मुलाकात कर कमेटी बनाई।

23 अप्रैल को पहलवान बृजभषण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर फिर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए।

28 अप्रैल को पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में 2 एफआईआर दर्ज की।

3 मई की रात को पहलवानों और पुलिसकर्मियों के बीच जंतर-मंतर पर झड़प हो गई।

21 मई को महापंचायत हुई और इंडिया गेट पर कैंडल मार्च और 28 मई को नए संसद भवन पर महिला महापंचायत करने का फैसला लिया गया।

28 मई को पहलवानों ने नए संसद भवन के सामने महापंचायत के लिए जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

29 मई को सारा दिन पहलवान घर पर रहे और मेडल गंगा में बहाने व इंडिया गेट पर आमरण अनशन का फैसला किया।

30 मई को पहलवान हरिद्वार हर की पौड़ी में मेडल बहाने गए। जहां किसान नेता नरेश टिकैत के मनाने पर सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम देकर उन्होंने फैसला टाल दिया।

2 जून को कुरुक्षेत्र में महापंचायत हुई। इसमें 9 जून तक बृजभूषण को गिरफ्तार करने लिए अल्टीमेटम दिया गया।

3 जून को दिल्ली पुलिस को इस मामले में 4 गवाह मिले हैं, जिन्होंने बृजभूषण पर लगे आरोपों की पुष्टि की है।

4 जून को पता चला कि पहलवानों की गृह मंत्री अमित शाह से मीटिंग हुई।

5 जून को विनेश, साक्षी और बजरंग ने रेलवे में ड्यूटी जॉइन कर ली।

6 जून को अमित शाह से मीटिंग का पता चलने पर किसानों और खाप ने 9 जून को जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया।

7 जून को रेसलर्स खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मिलने पहुंचे थे। यह बैठक 6 घंटे चली थी।

15 जून को बृजभूषण के खिलाफ बालिग पहलवान केस में चार्जशीट और नाबालिग पहलवान केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई।

बृजभूषण शरण को POCSO केस में राहत: नाबालिग पहलवान ने कोर्ट में कहा- दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट से ऐतराज नहीं