आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंडियन आर्मी में महिला अफसरों के लिए एक नई पॉलिसी बनाई जा रही है। महिला अफसरों ने कर्नल से ब्रिगेडियर रैंक के प्रमोशन में भेदभाव का आरोप लगाया था। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई।

अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सीनियर वकील आर बालासुब्रमण्यम ने कोर्ट में कहा कि इंडियन आर्मी में महिलाओं के प्रमोशन के मामले पर काम जारी है।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने आर्मी को 31 मार्च 2024 तक समय दिया है। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई अप्रैल 2024 के पहले हफ्ते में होगी।

फरवरी 2020 में SC ने स्थायी कमीशन का आदेश दिया था 17 साल की कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 में महिला अफसरों को आर्मी में स्थायी कमीशन देने का फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि उन सभी महिला अफसरों को तीन महीने के अंदर आर्मी में स्थायी कमीशन दिया जाए, जो इस विकल्प को चुनना चाहती हैं।

इससे पहले तक सेना में महिलाओं का प्रवेश शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से होता था। वे अधिकतम 14 साल ही सेवा दे पाती थीं। हालांकि कुछ महिला अधिकारियों को सेवा विस्तार मिला लेकिन उन्हें भी स्थायी कमीशन नहीं दिया गया था।

केंद्र ने कहा था- महिलाओं की शारीरिक क्षमता कम

इस केस में केंद्र सरकार ने दलील दी थी कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की शारीरिक क्षमता कम होती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की इस दलील को लिंग भेद और निराशाजनक बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का अवसर मिलना चाहिए।

PM ने कहा- नारी शक्ति की ताकत बढ़ाने पर हमारा जोर

PM नरेंद्र मोदी सोमवार 4 दिसंबर को नेवी डे के मौके पर महाराष्ट्र के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे। इस मौके पर PM ने कहा कि सरकार आर्म्ड फोर्सेज में नारी शक्ति की ताकत बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

PM ने छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण किया:कहा- उनसे प्रेरणा लेकर देश गुलामी की मानसिकता को छोड़ आगे बढ़ रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में स्थित राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद वे नौसेना दिवस 2023 पर आयोजित इवेंट में शामिल हुए।

इस दौरान पीएम ने कहा- शिवाजी महाराज समुद्री सुरक्षा के महत्व को जानते थे। उन्हें विश्वास था- जिसने समुद्र पर नियंत्रण कर लिया वह सर्वशक्तिमान है। इसलिए उन्होंने एक शक्तिशाली नौसेना बनाई। उनसे प्रेरणा लेकर आज भारत गुलामी की मानसिकता को छोड़कर आगे बढ़ रहा है।