आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी आज तमिलनाडु सरकार की तरफ से आयोजित की गई महिला अधिकार कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगीं। इसके लिए दोनों शुक्रवार रात चेन्नई पहुंचीं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने दोनों का स्वागत किया।

एम के स्टालिन की अध्यक्षता में इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य विधानसभा और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए, केंद्र सरकार पर दबाव बनाना है।

महबूबा-कनिमोझी कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगी

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती भी इस कॉन्फ्रेंस में शिरकत करेंगी। साथ ही DMK महासचिव और सांसद कनिमोझी करुणानिधि भी इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगी।

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून बनाया

केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण कानून बनाया। 19 सितंबर को केंद्र सरकार ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ पेश किया। ये विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर होने के लिए पहुंंचा। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के हस्ताक्षर के बाद ये विधेयक कानून बन चुका है।

महिला आरक्षण को परिसीमन का इंतजार करना होगा

विधेयक में साफ तौर पर लिखा है कि महिलाओं के लिए एक तिहाई रिजर्वेशन डिलिमिटेशन यानी परिसीमन के बाद ही लागू होगा। विधेयक के कानून बनने के बाद जो पहली जनगणना होगी, उसके आधार पर परिसीमन होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक 2026 से पहले परिसीमन लगभग असंभव है, क्योंकि 2021 में होने वाली जनगणना कोविड-19 की वजह से अभी तक नहीं हो सकी है।

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मोदी सरकार ने नए संसद भवन की पहली कार्यवाही में मंगलवार को ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ पेश किया। महिला आरक्षण पारित कराने के लिए पिछले 27 साल में मौजूदा सरकार समेत 4 सरकारों की ये 11वीं कोशिश है।

श्रेय लेने की होड़:महिला आरक्षण विधेयक में भाजपा और अन्य दलों की भूमिका इस बार के लोकसभा चुनाव ही नहीं, उससे पहले होने वाले विधानसभा चुनावों में भी महिला आरक्षण विधेयक पारित होने का फ़ायदा भाजपा उठाने वाली है। उठाना भी चाहिए क्योंकि यह विधेयक लाए तो कई दलों के कार्यकाल में गए, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पारित हुआ भाजपा के कार्यकाल में ही।