सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: ब्रिटेन में रह रहे एक भारतीय छात्र सत्यम सुराणा ने आरोप लगाया है कि उसे बदनाम करने के लिए नफरत से भरा अभियान चलाया जा रहा है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ने वाले सत्यम ने छात्र संघ चुनावों में अपने खिलाफ यह अभियान चलाए जाने का दावा किया है।
पुणे के रहने वाले सत्यम ने कहा- वोटिंग से करीब 12 घंटे पहले इस कैंपेन के तहत मुझे BJP से जोड़ा जाने लगा। इस दौरान मुझे फासीवादी बताते हुए बॉयकॉट करने की मांग की गई। लोग ये बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि भारत तरक्की कर रहा है। उसने दावा किया है कि उसे खालिस्तानियों को आतंकी बुलाने की वजह से टारगेट किया जा रहा है।
तस्वीर चुनाव कैंपेन की है, जिसनें सत्यम के चेहरे को क्रॉस कर दिया गया है। पोस्टर पर ‘सत्यम के अलावा कोई भी’ का स्लोगन लिखा गया है।
सत्यम बोला- भारत तेजी से आगे बढ़ रहा, हमने कोरोना के वक्त खुद को साबित किया
सत्यम ने आगे कहा- आज PM मोदी एक महान राजनेता बन गए हैं। उनकी अप्रूवल रेटिंग सबसे ज्यादा है। कोरोना के समय हमने साबित कर दिया कि हम क्या कर सकते हैं। भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
वीडियो जारी कर सत्यम ने कहा- भारत मेरा देश है और मैं हमेशा उसका पक्ष रखता रहूंगा। मेरे देश और सरकार को लेकर मेरे विचार निजी हैं। इनका ब्रिटेन के स्टूडेंट यूनियन के चुनाव से कोई ताल्लुक नहीं होना चाहिए। जो लोग मेरे खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं, उनमें से ज्यादातर वामपंथी हैं।
सत्यम बोला- नफरत फैलाने वालों में ज्यादातर भारतीय नागरिक
सत्यम ने बताया कि लोग उसे नाजी समर्थक और दक्षिणपंथी कह रहे हैं। चुनावी पोस्टर पर उसके चेहरे को काट दिया जा रहा है। सत्यम ने कहा कि उसे सबसे ज्यादा इस बात से तकलीफ हुई कि उसके खिलाफ प्रचार करने वालों में ज्यादातर भारतीय ही थे।
सत्यम सुराणा वही शख्स है, जिसने पिछले साल लंदन में भारतीय दूतावास पर हमले के दौरान जमीन पर पड़े भारतीय झंडे को उठाया था। उस वक्त उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दरअसल, पिछले साल अक्टूबर में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के विरोध में कुछ प्रदर्शनकारी लंदन में भारतीय हाई कमीशन के पास पहुंचे थे।