आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लैंड फॉर जॉब्स मामले में बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव पर सुनवाई टल गई है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में CBI के स्पेशल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई अब कल होगी।

इधर CBI ने कोर्ट को बताया है कि तीन रेल अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की इजाजत गृह मंत्रालय से मिली है। रेल अधिकारी मनदीप कपूर, मनोज पांडे, डॉ. पीएल बंकर के खिलाफ केस चलाने की परमिशन मिली है। वहीं लालू यादव पर केस चलाने की गृह मंत्रालय ने पहले ही इजाजत दे दी है।

वहीं कल की सुनवाई में अगर कोर्ट CBI की ओर से दायर चार्जशीट को एक्सेप्ट कर लेती है और तेजस्वी के खिलाफ FIR चलाने की अनुमति देती है तो तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें जमानत लेनी होगी।

लैंड फॉर जॉब्स का ये पूरी तरह से नया केस है। पुराने केस में पहले ही राजद सुप्रीमो लालू यादव, बिहार की पूर्व CM राबड़ी देवी और बेटी और सांसद मीसा भारती जमानत पर हैं।

नए केस में भी लालू और राबड़ी को आरोपी बनाया गया है। इनके साथ तेजस्वी यादव को भी दोषी बताया गया था। CBI ने 3 जुलाई को तेजस्वी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

लालू प्रसाद पर पिछले सप्ताह केस चलाने की मिली थी अनुमति

12 सितंबर को केंद्र सरकार की ओर से CBI को पूर्व रेल मंत्री लालू यादव पर केस चलाने की अनुमति मिल चुकी है। 1 महीने पहले CBI ने केंद्र से लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी थी। CBI ने कोर्ट को बताया है कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ कथित लैंड फॉर जॉब्स केस में ताजा आरोप पत्र के संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।

अब समझिए क्यों जरूरी है इसमें गृह मंत्रालय की मंजूरी

CBI के मुताबिक उनकी तरफ से लालू यादव के अलावा रेलवे के 3 अधिकारियों के खिलाफ भी केस चलाने की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। बता दें कि लैंड फॉर जॉब्स मामला तब का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। इसलिए गृह मंत्रालय से अनुमति लेना जरूरी था।

केस में लालू परिवार की 6 करोड़ की संपत्ति ED कर चुकी है अटैच

लैंड फॉर जॉब्स मामले में जांच के बाद ED लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की 6 करोड़ 2 लाख रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इसमें गाजियाबाद और बिहार की संपत्ति शामिल हैं। अटैच की गई संपत्तियों में नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित डी-1088 है, जो आवासीय परिसर है।

इसका स्वामित्व मेसर्स एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है। आरोप है कि इस 4 मंजिल बंगले को साल 2011 में मात्र 4 लाख रुपए में अधिग्रहित किया गया था। इस पता पर लालू परिवार की कई कंपनियां रजिस्टर्ड है। इसका खुलासा इसी साल 10 मार्च को ED की तलाशी में हुआ था।