आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: लैंड फॉर जॉब्स मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 17 आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है। सभी को 4 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है।

लैंड फॉर जॉब्स केस में तेजस्वी के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट ने मंजूर कर ली है। उनके खिलाफ भी केस चलेगा। CBI ने पहली बार बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव को आरोपी बनाया है।

डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने कहा है कि ये कोई पहला और आखिरी मामला नहीं है। ये सब चलता रहेगा। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इन सब मामलों में कोई दम नहीं है।

इससे पहले गुरुवार को CBI ने कोर्ट को बताया कि तीन रेल अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की इजाजत गृह मंत्रालय से मिल गई है।

रेल अधिकारी मनदीप कपूर, मनोज पांडे, डॉ. पीएल बंकर के खिलाफ केस चलाने की परमिशन मिली है। वहीं, 12 सितंबर को ही लालू प्रसाद यादव पर केस चलाने की इजाजत गृह मंत्रालय ने दे दी थी।

अब आगे क्या होगा

एक्सपर्ट की माने तो अब समन वाले दिन आरोपियों को कोर्ट में पेश होना होगा। इस दौरान कोर्ट सभी आरोपियों को चार्जशीट पढ़कर सुनाई जाएगी। उनसे पूछा जाएगा क्या उन्हें आरोप स्वीकार है। इसके बाद चार्जशीट के आधार पर आरोप गठन होगा। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

इस बीच लालू परिवार के पास क्या ऑप्शन है?

लैंड फॉर जॉब्स केस में आरोपी डिस्चार्ज एप्लिकेशन हायर कोर्ट में फाइल कर सकते हैं। वे वहां चार्जशीट को खारिज करने की अपील कर सकते हैं। अपने तर्क के आधार पर बता सकते हैं कि उन पर दायर चार्जशीट तथ्यहीन है।

क्या तेजस्वी यादव की गिरफ्तारी हो सकती है?

ऐसे मामलों में फिलहाल तुरंत गिरफ्तारी नहीं होती है। जांच के बाद चार्जशीट दायर हुई है, जब उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है तब अब कोर्ट के आदेश पर ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। अगर वे समन की तारीख पर पेश नहीं होंगे, तब उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

क्या जमानत लेनी होगी?

ये आरोप गठन के आधार पर तय होगा। ये तभी तय होगा कि कोर्ट इनके खिलाफ किस-किस प्रकार का चार्ज लगाती है।