आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: प्रदेश में भारत सरकार की योजना कृषि अवसंरचना निधि AIF की विशेषताओं तथा एमपी फार्मगेट एप का प्रचार-प्रसार करने कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इन योजनाओं की मुख्य विशेषताएँ जैसे फसलोपरांत प्रबंधन एवं सामुदायिक खेती संबंधित परियोजना की जानकारी मंडी बोर्ड भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र, पवारखेडा नर्मदापुरम में कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के प्रारंभ में मंडी बोर्ड के अपर संचालक चंद्रशेखर वशिष्ठ  द्वारा उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत किया गया, नर्मदापुरम जिले के कलेक्टर  नीरज कुमार सिंह,  सौजान सिंह रावत ज़िला पंचायत C.E.O,  उप संचालक कृषि  जे.आर. हड़ाऊ कार्यशाला में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यशाला के द्वितीय चरण में अपने घर खलियान से अपनी कृषि उपज अपने दाम पर विक्रय करने की सुविधा, कृषि विक्रय में होने वाले खर्चों में कटौती, मंडी में होने वाली भीड़ से बचत आदि सुविधाओं के संबंध में एमपी फार्मगेट ऐप से संबंधित उपयोगिता किस तरह से उक्त ऐप को एंड्राइड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है तथा उक्त ऐप को किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है‚ विषय पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण श्री चंद्रशेखर वशिष्ठ जी, अपर संचालक मंडी बोर्ड द्वारा किया गया। कार्यशाला में बड़े स्तर पर नर्मदापुरम जिले की 07 मंडियों से आए हुए व्यापारियों तथा कृषकों द्वारा अपनी जिज्ञासा अनुरूप प्रश्न पूछे गए जिसका समाधान कारक उत्तर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा दिया गया।

अपने उदबोधन में कलेक्टर महोदय द्वारा AIF योजना तथा एमपी फार्म गेट ऐप की  उपयोगिता बतायी गई, जिसमें कृषकों को उनकी कृषि उपज का अधिकतम मूल्य एवं उनके रखरखाव के संबंध मे जानकारी दी गई तथा उपस्थित प्रतिभागियों से व्यक्तिगत रुप से चर्चा की, साथ ही इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने हेतु आव्हान किया गया। इस कार्यशाला में महिला प्रतिभागियो द्वारा भी बहुतायत मे हिस्सा लिया गया। नर्मदापुरम जिले एवं मध्य प्रदेश के अन्य भागों में उन्नत कृषि कृषकों द्वारा अपनाई गई है। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से AIF पर खुलकर उपयोगी चर्चा हुई जिसमें अवगत कराया गया कि उक्त योजना के तहत वेयरहाउस ,कोल्ड स्टोरेज, राइपिंग चेंबर, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, दाल मिल, फ्लोर मिल, आटा मिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, मसाला उद्योग, बांस प्रोसेसिंग उद्योग इत्यादि में AIF योजना का लाभ ले सकते हैं। AIF पोर्टल का तकनीकी प्रशिक्षण भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में हितग्राहियों को हर संभव सहायता मुहैया कराना और इससे लाभान्वित होने का आव्हान किया। AIF योजना में अभी तक नर्मदापुरम जिले में 516 आवेदनों में 436.38 करोड़ रूपये तथा प्रदेश में 7061 आवेदनों में 5717.72 करोड़ रूपये की राशि बैंको द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है जिससे म.प्र. देश में प्रथम स्थान पर हैं।

कार्यशाला में मंडी बोर्ड के अपर संचालक चंद्रशेखर वशिष्ठ, उपसंचालक AIF  पूजा सिंह, चीफ प्रोग्रामर संदीप चौबे, सहायक संचालक AIF गोविंद शर्मा,  मंडी सचिव नर्मदापुरम  एस.के. भालेकर, सहायक उपनिरीक्षक आदित्य राज सिंह तथा बड़ी संख्या में कृषि विभाग, उद्यानिकी, नाबार्ड‚ बैंक व मंडी समितियों के सचिव एवं कर्मचारी, मीडिया के साथी सहित किसान एवं व्यापारी प्रतिनिधि कार्यशाला में सम्मिलित हुए।