सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: कोलकाता, 14 अगस्त 2024: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर की घटना ने तूल पकड़ लिया है। 9 अगस्त की सुबह मृतका के शव मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन ने पीड़ित परिवार से झूठ बोला और उन्हें तीन घंटे तक शव देखने की अनुमति नहीं दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल के असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट ने सबसे पहले मृतका के परिवार से कहा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है। इसके बाद परिवार ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर शव देखने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें तीन घंटे तक इंतजार कराया। अंततः दबाव डालने पर परिवार को शव देखने की अनुमति दी गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बर्बरता का खुलासा

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेनी डॉक्टर के साथ बर्बरता की गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि डॉक्टर के प्राइवेट पार्ट्स पर गहरे घाव थे, उनकी आंखों, मुंह और गले से खून बह रहा था, और उनकी गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई थी। पुलिस का कहना है कि हत्या से पहले रेप किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है और बुधवार को सीबीआई की टीम कोलकाता पहुंच गई है।

हड़ताल और असंतोष

ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) की हड़ताल दो दिन के प्रदर्शन के बाद खत्म हो गई। FORDA ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, कई अन्य अस्पतालों और संगठनों के डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है, जिसमें दिल्ली AIIMS और इंदिरा गांधी अस्पताल शामिल हैं।

आरोप और राजनीतिक विवाद

भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया है कि इस घटना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद का भतीजा शामिल है। भाजपा का कहना है कि पुलिस ने शुरू में घटना को आत्महत्या के रूप में पेश किया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इसके विपरीत कहानी बयां करती है। इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की टीम ने मामले की जांच के लिए अस्पताल और पुलिस मुख्यालय का दौरा किया।

इस मामले की तफ्तीश और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच, कोलकाता की चिकित्सा और प्रशासनिक व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा हो गया है।