आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केरल के पूर्व मंत्री और लेफ्ट नेता सी दिवाकरन ने आरोप लगाया कि सालों पहले वह जातिवाद का शिकार हुए थे। दिवाकरन हाल ही में तिरुवनंतपुरम में एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे।
उन्होंने कहा- मैंने जीवन में चार चुनाव लड़े और उनमें से तीन जीते हैं। 2019 में जब चौथा चुनाव लड़ा तो उसमें हार मिली और इस हार का कारण घोर जातिवाद था।
लेफ्ट नेता ने आगे कहा- उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान वोटर्स को अपनी जाति के बारे में बात करते हुए सुना था। लोग एक-दूसरे से पूछते थे कि क्या वह (दिवाकरन) उनकी जाति के हैं या नहीं।
सचिवालय पर आरोप- वहां ऊंची जाति के लोगों का प्रभाव
दिवाकरन 2006 से 2011 के बीच CPI नेता और तत्कालीन वीएस अच्युतानंदन मंत्रालय में नागरिक आपूर्ति मंत्री थे। हालांकि उन्होंने मंत्रालय में ऊंची जाति के प्रभाव का आरोप लगाया।
सी दिवाकरन ने कहा- उस वक्त सचिवालय में कुछ चुनिंदा लोगों की मर्जी चलती थी जिनके खिलाफ कुछ भी किया जाता है, तो वे हमें ब्लैकमेल करते थे और हमारा करियर खत्म करने की धमकी देते थे।
पूर्व मंत्री ने किसी का जिक्र किए बिना कहा, समाज में कुछ ऐसे लोग थे जो अब भी मानते थे कि उनकी किस्मत ऊंची जाति के लोगों की सेवा करना है।
वीएस अच्युतानंदन मंत्रालय क्या है
वीएस अच्युतानंदन मंत्रालय केरल सरकार का एक मंत्रालय था। जिसका गठन 2006 के केरल विधान सभा चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की जीत के बाद मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने किया था। 2011 के केरल विधान सभा चुनाव में एलडीएफ की हार और मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने के बाद, इसे 16 मई 2011 को भंग कर दिया गया था। वीएस सरकार में 20 मंत्री थे।
PM बोले- देश में मोदी की गारंटी की चर्चा, केरल में कांग्रेस-लेफ्ट ने महिलाओं को कमजोर माना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जनवरी को केरल के त्रिशूर में BJP महिला सम्मेलन को संबोधित किया। 43 मिनट के संबोधन में पीएम ने कहा- आज कल देश में मोदी की गारंटी की चर्चा है, लेकिन मैं मानता हूं कि देश की नारी शक्ति विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की सबसे बड़ी गारंटी हैं। आजादी के बाद से कांग्रेस, लेफ्ट, एलडीएफ और यूडीएफ की सरकारों ने नारी शक्ति को कमजोर माना।