आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को शराब घोटाले मामले में ED (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट) के समन को फिर गैर कानूनी बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मकसद जांच कराना नहीं है, बल्कि लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना है।

अरविंद केजरीवाल ने 4 मिनट 10 सेकेंड के वीडियो के जरिए अपनी बात रखी। दरअसल, आम आदमी पार्टी के मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने 3 जनवरी देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर लिखा था- खबर आ रही है कि केजरीवाल के आवास पर कल सुबह ED की रेड पड़ेगी। गिरफ्तारी की संभावना भी है।

अरविंद ने कहा- शराब घोटाला, घोटाला है ही नहीं, स्पीच की 5 बड़ी बातें

केजरीवाल ने कहा, ‘नमस्कार- शराब घोटाला… पिछले 2 साल से यह शब्द आपने कई बार सुना होगा। दो साल से बीजेपी की कई सारी एजेंसी, कई रेड मार चुकी हैं। कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। लेकिन अब तक एक भी पैसे का हेरफेर नहीं मिला है। कहीं से भी एक पैसा नहीं मिला है। अगर करप्शन हुआ होता तो इतने करोड़ों रुपए गए कहां? इतना पैसा हवा में गायब हो गया।’

‘सच्चाई यह है कि किसी तरह का घोटाला हुआ ही नहीं। अगर होता तो पैसा मिलता। ऐसे फर्जी केस में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को इन्होंने जेल में रखा है। किसी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। कुछ साबित नहीं हो रहा। खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है। किसी को भी पकड़कर जेल में डाल दो।’

‘भाजपा मुझे गिरफ्तार करना चाहती है। मेरी सबसे बड़ी संपत्ति और ताकत मेरी ईमानदारी है। झूठे आरोप लगाकर और समन भेजकर ये मुझे बदनाम करना चाहते हैं। मेरी ईमानदारी पर चोट करना चाहते हैं। इन्होंने मुझे समन भेजे हैं। मेरे वकीलों ने बताया कि ये समन गैरकानूनी हैं।’

‘जांच एजेंसी मुझे इन गैरकानूनी समन का जवाब नहीं दे रही हैं। दरअसल, भाजपा का मकसद जांच करना नहीं है, बल्कि लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना है। मेरे शरीर की एक-एक बूंद देश के लिए है।’

ED के तीन समन के बाद भी पेश नहीं हुए केजरीवाल

दिल्ली शराब नीति केस में ED ने केजरीवाल को तीसरी बार समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, केजरीवाल पेश नहीं हुए। उनकी तरफ से 5 पन्नों के ED को कहा गया कि वे राज्यसभा चुनाव और गणतंत्र दिवस की तैयारियों में व्यस्त हैं। उनसे जो भी पूछना हो लिखित में भेज दें।

इसके पहले ED ने 2 नवंबर और 21 दिसंबर को उन्हें पेश होने को कहा था। तब, केजरीवाल ने इन दोनों समन को गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित बताया और ED के सामने पेश हाेने से इनकार कर दिया। 21 दिसंबर का समन मिलने के बाद केजरीवाल 10 दिन के विपश्यना के लिए पंजाब के होशियारपुर चले गए थे।

ED को गिरफ्तारी का अधिकार, केजरीवाल कोर्ट जा सकते हैं

कानून के जानकारों के अनुसार, सीएम केजरीवाल के बार-बार पेश नहीं होने पर ED उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर सकती है। उसके बाद भी पेश नहीं होने पर धारा 45 के तहत गैर जमानती वारंट जारी कर सकती है।

PMLA के जानकार बताते हैं कि पेश नहीं हो पाने की ठोस वजह बताई जाती है तो ED समय दे सकती है। फिर दोबारा नोटिस जारी करती है। PMLA एक्ट में नोटिस की बार-बार अवहेलना पर गिरफ्तारी हो सकती है।

अगर सीएम केजरीवाल आगे पेश नहीं होते हैं तो जांच अधिकारी आवास पर जाकर पूछताछ कर सकते हैं। ठोस सबूत होने पर या सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर गिरफ्तार कर सकते हैं।

वहीं, केजरीवाल वारंट जारी होने के बाद कोर्ट जा सकते हैं और अपने एडवोकेट की मौजूदगी में जांच में सहयोग करने का वादा कर सकते हैं। इस पर कोर्ट ईडी को उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दे सकती है।