सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कावेरी हॉस्पिटल, अलवरपेट ने एक मरीज के दो खराब हो चुके हृदय वाल्व का दोबारा ओपन-हार्ट सर्जरी किए बिना सफल इलाज किया है। अस्पताल के अनुसार, Ross procedure के बाद पूरी तरह कैथेटर-आधारित तरीके से किया गया यह दुनिया का पहला प्रकाशित रिपोर्ट वाला मामला माना जा रहा है।
यह प्रक्रिया 58 वर्षीय पुरुष मरीज पर की गई, जिनकी करीब 25 साल पहले जटिल हार्ट वाल्व सर्जरी हुई थी। उस समय उनका Ross procedure किया गया था, जिसमें मरीज के अपने pulmonary valve को रोगग्रस्त aortic valve की जगह लगाया जाता है, जिसे aortic autograft कहा जाता है। वहीं pulmonary valve को दान में मिले मानव वाल्व से बदला जाता है, जिसे pulmonary homograft कहा जाता है। Ross procedure के दीर्घकालिक परिणाम अच्छे माने जाते हैं, लेकिन समय के साथ दोनों वाल्व खराब हो सकते हैं और आगे उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
मरीज को severe aortic regurgitation, severe pulmonary regurgitation with moderate pulmonary stenosis, severe pulmonary hypertension और moderate mitral regurgitation की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उन्हें हार्ट फेल्योर के कारण कई बार भर्ती होना पड़ा था। पैरों और पेट में गंभीर सूजन, किडनी और लिवर की कार्यक्षमता में कमी तथा तेज सांस फूलने की शिकायत थी। वे आराम से सो भी नहीं पा रहे थे और New York Heart Association Class III – IV heart failure की अवस्था में थे।
मरीज ने कई केंद्रों से सलाह ली थी, जहां दूसरी बार ओपन-हार्ट सर्जरी को अत्यधिक जोखिम वाला माना गया, क्योंकि दोबारा की जाने वाली सर्जरी तकनीकी रूप से जटिल थी। कैथेटर-आधारित इलाज को भी बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
तीन-आयामी echocardiography और cardiac CT imaging से विस्तृत जांच के बाद Kauvery Heart Institute की multidisciplinary heart team ने दोबारा ओपन-हार्ट सर्जरी किए बिना, दोनों खराब वाल्व का पूरी तरह कैथेटर-आधारित इलाज करने की संभावना पहचानी। प्रकाशित चिकित्सा साहित्य में ऐसा कोई समान मामला दर्ज नहीं था, इसलिए आगे बढ़ने से पहले अस्पताल की heart team ने, Dr Rajaram Anantharaman, Director of Transcatheter Heart Valve Therapies के नेतृत्व में, और विशेषज्ञों के एक अंतरराष्ट्रीय पैनल ने उपचार रणनीति की विस्तार से समीक्षा की।
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