सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में तेज कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में खिलौना उद्योग उन क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जहां स्पष्ट बदलाव दिख रहा है। बड़े पैमाने पर स्थानीय उत्पादन में निवेश करने वाली कंपनियां देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में योगदान दे रही हैं।
इसी श्रेणी में अर्बन टॉट्स भी शामिल है। यह भारतीय खिलौना विनिर्माण कंपनी पिछले पांच वर्षों में अपने परिचालन का तेजी से विस्तार कर चुकी है। राजस्थान के भिवाड़ी में 350,000 वर्ग फुट के विनिर्माण संयंत्र से संचालित कंपनी में फिलहाल 450 से अधिक लोग कार्यरत हैं और यह घरेलू बाजार के लिए कई तरह के खिलौने बनाती है।
कंपनी की शुरुआत उद्यमी दीपक चौधरी के एक अनुभव से जुड़ी है। उन्होंने देखा कि उनके बच्चों के खिलौनों के संग्रह में अधिकतर उत्पाद आयातित थे और उन पर दूसरे देशों के लेबल लगे थे। इसी एहसास ने भारत की आयातित खिलौनों पर निर्भरता को रेखांकित किया और आगे चलकर अर्बन टॉट्स की स्थापना का आधार बना।
जहां कई कंपनियों ने इस श्रेणी में आयात के जरिए प्रवेश किया, वहीं अर्बन टॉट्स ने घरेलू विनिर्माण में निवेश का रास्ता चुना। कंपनी की विनिर्माण यात्रा औपचारिक रूप से 14 अगस्त 2021 को संयंत्र के भूमि पूजन के साथ शुरू हुई। बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता विकसित करने के लिए उन्नत मशीनरी, कार्यबल विकास और तकनीकी दक्षता में निवेश किया गया।
विनिर्माण क्षमता मजबूत करने के लिए कंपनी की संस्थापक टीम ने चीन में उत्पादन तकनीकों और फैक्ट्री संचालन का अध्ययन किया। इसके बाद उन सीखों को भारत में दक्षता, सटीकता और विस्तार क्षमता पर केंद्रित आधुनिक विनिर्माण व्यवस्था तैयार करने में अपनाया गया।
आज यह संयंत्र ऑटोमेटेड कन्वेयर सिस्टम, पोका-योके गुणवत्ता तंत्र और ऐसी उत्पादन प्रक्रियाओं के साथ काम करता है, जिनका लक्ष्य दोषों को घटाना और गुणवत्ता में निरंतरता बनाए रखना है। उत्पादों का निर्माण EN71 और BIS जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाता है।
कंपनी ने अपने संचालन में स्थिरता और जिम्मेदार विनिर्माण प्रक्रियाओं को भी शामिल किया है। इसका फोकस कचरे को कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर है।
अर्बन टॉट्स ने शुरुआत में रोल-प्ले ट्रॉली उत्पादों के साथ बाजार में प्रवेश किया था। इसके बाद कंपनी ने कई श्रेणियों में विस्तार किया। अब यह राइड-ऑन और बैटरी से चलने वाले खिलौनों, जिनमें इलेक्ट्रिक कारें और ट्रैक्टर शामिल हैं, के साथ शिशु उत्पाद, सेंसरी टॉय और प्रारंभिक बाल विकास में मदद करने वाली शैक्षिक लर्निंग किट भी बनाती है।
विनिर्माण विस्तार के साथ कंपनी ने देशभर में हजारों डीलरों और रिटेलरों वाला वितरण नेटवर्क विकसित किया है और प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर भी अपनी उपस्थिति बनाई है। अपने उपभोक्ता ब्रांड के अलावा अर्बन टॉट्स कई स्थापित कंपनियों के लिए भी उत्पाद बनाती है और अलग-अलग लेबल के तहत भारतभर के घरों तक पहुंचने वाले खिलौनों की आपूर्ति करती है।
Hashtags: #BusinessEconomy #Bhopal #UrbanTots #ToyIndustry #Manufacturing #बजनस #अरथवयवसथ #भपल #अरबनटट #खलनउद