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काशी संस्कृति संसद में ममता बनर्जी पर निशाना, राम मंदिर के कोष से गुरुकुल बनाने की मांग

सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियाँ: वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय संस्कृति संसद-2026 में धर्म, संस्कृति और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर तीखी बयानबाजी हुई। कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी ताकतों से हाथ मिला लिया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, विदेशी ताकतों से संबंध होने के आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।

संस्कृति संसद में देशभर से संत, धर्माचार्य, महामंडलेश्वर और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक शिक्षा और गुरुकुल परंपरा को मजबूत करने पर जोर दिया। इसी क्रम में शंकराचार्य ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए एकत्रित किए गए कोष के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के साथ-साथ इस धन का उपयोग गुरुकुल और संस्कारशालाएं स्थापित करने में भी किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों की शिक्षा मिल सके। उनका मानना है कि केवल धार्मिक स्थलों का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थाओं का विस्तार भी जरूरी है।

संस्कृति संसद में गोमाता की रक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने, धर्मांतरण की चुनौतियों और युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने संत समाज से सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और गुरुकुल व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की अपील की। काशी में आयोजित इस आयोजन को सनातन परंपराओं, धार्मिक शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों पर संत समाज के साझा विमर्श के रूप में देखा जा रहा है।


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