सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कइंटीग्रेटेड ट्रेडन्यूज़ भोपाल: प्रति वर्षानुसार पंचायत विकास परिषद् भोपाल एवं बुन्देलखंड समाज विज्ञान शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘कला-कुंभ’’-23 कार्यक्रम में सृजन-संवाद एवं सम्मान समारोह का आयोजन  स्थान ठेगडी  भवन, डिपो चौराहा, भोपाल में किया गया ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमोद झा, राष्टीय मार्गदर्शन सृष्टि सेवा संकल्प एवं पूर्व संघ प्रचारक इन्दौर ने कहा कि लोककलां, लोक आचार एवं लोक व्यवहार की व्याख्या को समझना है तो बुन्देलखड़ के रामचरित मानस को जीवन की प्रेरणा बनना होगा तभी हम बुन्देलखड़ की लोक संस्कृति को समझ पाएगे। कार्यक्रम का बीज वक्तव्य आत्माराम शर्मा ने रखते हुए कहा कि बुन्देलखड़ की लोक-संस्कृति बहुत समृद्ध और गौरवशाली है, जिसकी अक्षुणता को बनाए रखने के लिए कला-कुभ जैसे कार्यक्रम सार्थक सिद्ध हो सकते है।

कार्यक्रम अध्यक्षता उषा खरे ने करते हुए कहा कि लोक संस्कृति से जुड़कर कार्य करने से हम अपने जीवन मुल्यो को सार्थक कर सकते है। कार्यक्रम में संजय सिंह ने बेटी और पिता के अनोखे रिश्ते पर अपना सुप्रसिद्ध गीत ‘‘बाबूजी‘‘ सुनाकर सभी को भावुक कर दिया।

कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य संस्था अध्यक्ष सतीश पुरोहित ने रखा तथा आभार वक्तव्य सुप्रसिद्ध चित्रकार राजसैनी ने रखते हुए कहा कि बुन्देखड़ की लोक सस्कृति और चित्र पराम्परा को वर्तमान समय में लोक जीवन में उतरना होगा, तभी हम अपनी लोक संस्कृति से जुडे रहेगे। कार्यक्रम के अतं में 14 सृजनधर्मियों सम्मान किया गया।