आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : झारखंड सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जमीन घोटाला और अवैध खनन के आरोपों में सीएम हेमंत सोरेन फंसते दिख रहे हैं। 3 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महागठबंधन के विधायक दल की बैठक बुलाई है। चर्चा तेज है कि इस बैठक में कल्पना सोरेन के नाम को आगे किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस संबंध में कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। महाधिवक्ता राजीव रंजन से हेमंत सोरेन ने मुलाकात की। वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक भी हुई जिसमें सीएम के सचिव विनय चौबे भी शामिल रहे। कयास लगाए जा रहे हैं कि हेमंत सरकार को बचाने के लिए पत्नी कल्पना सोरेन को राजनीति में लाया जाएगा।

इस बीच राजभवन में बंद लिफाफे की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सात समन के बाद भी सीएम पूछताछ के लिए तैयार नहीं हुए। माना जा रहा है कि ईडी बड़ी कार्रवाई के मूड में है।

अगर राजभवन का लिफाफा खुला और हेमंत सोरेन की सदस्यता चली गई, तो झारखंड सरकार खतरे में आ जाएगी( इसी तरह अगर ईडी ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने का फैसला लिया तब भी महागठबंधन की सरकार पर संकट छाएगा।

जानिए, वर्तमान सियासी उठापटक के बीच सरकार को बचाने के लिए हेमंत सोरेन का मास्टर प्लान क्या हो सकता है…

गांडेय विधायक ने क्यों दिया इस्तीफा

माना जा रहा है कि सरकार पर मंडराते दो बड़े खतरों से निपटने के लिए गांडेय विधायक ने इस्तीफा दिया। सरफराज अहमद ने इस्तीफे के बाद कहा- यह फैसला महागठबंधन धर्म को ध्यान में रखकर लिया है। यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है। मेरे अब तक के अनुभव से मुझे खतरा नजर आ रहा था।

मैंने झारखंड और गठबंधन की सरकार को ध्यान में रखकर फैसला लिया। इस फैसले से झारखंड भी बचेगा और सरकार भी। अगर भाजपा नए साल में कुछ नया करने वाली थी, तो मैंने उनसे पहले कुछ नया कर दिया। मैंने बस ये ध्यान रखा कि एक सेकुलर सरकार को कैसे बचाया जाए, इसे ध्यान में रखते हुए मैंने फैसला लिया।

7 समन के बाद बड़ी कार्रवाई के मूड में ईडी

सरफराज अहमद के इस फैसले की वजह को ठीक से समझने के लिए मुख्यमंत्री पर लगे अब तक के आरोप, ईडी की अब तक की पूछताछ और जमीन घोटाला मामले में जारी किए गए एक के बाद एक सात समन पर भी गौर करना होगा।

चर्चा तेज है कि 7 समन के बाद भी सीएम के ईडी के सामने पेश नहीं होने पर प्रवर्तन निदेशालय अब किसी बड़ी कार्रवाई का मन बना रहा है।

बंद लिफाफे में क्या है

साल 2023 में निवार्चन आयोग से राजभवन पहुंचे बंद लिफाफे की खूब चर्चा रही। लिफाफा पहुंचने के बाद हेमंत सोरेन ने विधायकों की खरीद-फरोख्त से बचने के लिए एक सप्ताह तक विधायकों को छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराया था। आज भी लिफाफे का रहस्य बरकरार है।