आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इटावा में बुधवार को नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस (02570) में आग लग गई। ट्रेन का S-1 कोच पूरी तरह जल गया। चलती ट्रेन में धुआं उठता देख यात्रियों में भगदड़ मच गई। उन्होंने कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में 8 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा सराय भूपत रेलवे स्टेशन के पास शाम 6 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि उस समय ट्रेन की स्पीड 20 से 30 किमी प्रतिघंटा के बीच थी। छठ पर्व के कारण बोगी में क्षमता से दोगुने यात्री सवार थे। कानपुर-दिल्ली रेल मार्ग पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन बंद कर दी गई है। 16 ट्रेनें जहां थीं, वहीं रोक दी गई हैं।

मिनटों में पूरी ट्रेन खाली

इस ट्रेन से बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा के लिए बिहार जा रहे थे। ट्रेन के S-1 कोच में धुआं उठता देख यात्रियों में अफरातफरी मच गई। ट्रेन के धीमा होते ही यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में पूरी ट्रेन खाली हो गई। आग S-1 बोगी के पास वाले कोच तक भी पहुंच गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंची गई हैं।

धुआं देखकर स्टेशन मास्टर ने ट्रेन रोकी

यह भी जानकारी सामने आई है कि ट्रेन सराय भूपत रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी, तो S-1 कोच में धुआं देखकर स्टेशन मास्टर ने ट्रेन तुरंत रोक दी। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। यह स्पेशल ट्रेन है जिसे त्योहार को देखते हुए चलाया गया है।

ट्रेन में लगी आग के बाद इसका धुआं कई किलोमीटर दूर तक देखा गया।

जलती बोगी को ट्रेन से अलग किया गया

आग कैसे लगी, इसकी वजह फिलहाल पता नहीं चल सकी है। सूचना मिलने पर रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया है। जिस बोगी में आग लगी थी। उसे ट्रेन से अलग कर दिया गया है।

मौके पर मौजूद लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की।

S-2, S-3 और एसएलआर को भी एहतियातन अलग किया गया

रेलवे के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि आग से किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सभी यात्री सुरक्षित हैं। आग S-1 कोच में लगी थी। उसके आगे और पीछे के कोच S-2, S-3 और एसएलआर को भी एहतियातन अलग कर लिया गया। आग 90 प्रतिशत बुझा ली गई है। आग के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं।

पूरा सामान और पैसा जल गया, कैसे मनाएंगे छठ

ट्रेन से सफर कर रहे एक दपंती ने कहा, ”हम S-1 कोच में सवार थे। करीब 5.30 बजे जोरदार आवाज के साथ आग लगी। शायद शॉर्ट-सर्किट हुआ था। आग को बुझाने का कोई सामान ट्रेन में नहीं था। 15 मिनट बाद आग तेज हो गई। फिर हमें कुछ समझ में नहीं आया। हम जैसे-तैसे ट्रेन से उतर गए।”

यह घटना के बारे में जानकारी देते बिहार जाने वाले यात्री हैं।

दंपती ने बताया, ”हम दरभंगा अपने घर जा रहे थे। छठ पूजा के लिए दिल्ली में सामान खरीदा था। बैग में ही 15 हजार रुपए रखे थे। पूरा सामान, पैसा, सबकुछ जलकर राख हो गया है। हम कैसे त्योहार मनाएंगे?”

हादसे में बिहार के रौनक, कंचन, त्रिलोक, दयानंद, मनोज, हरिंद्र, आकृति और सुनीता घायल हुए हैं। इन्हें 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों से पूछताछ करने के बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई है।

ट्रेन को दरभंगा के लिए रवाना किया जाएगा

मौके पर पहुंचे इटावा SSP संजय कुमार वर्मा ने कहा, ”ट्रेन के S-1 कोच के अलावा दो जरनल बोगियों में आग लगी थी। इस आग को बुझा दिया गया है। तीनों कोचों को अलग कर दिया गया है। ट्रेन को दरभंगा जाने के लिए तैयार किया जा रहा है। लोगों का सामान जला है, कोई भी गंभीर रूप से चोटिल नहीं हुआ है। इटावा और कानपुर के यात्रियों को बसों से भेजने की तैयारी की जा रही है। बाकी ट्रेनों का आवागमन सुचारू रूप से किया जाएगा।”

आगरा में चलती पातालकोट एक्सप्रेस में आग: 3 कोच पूरी तरह जले, 13 लोग अस्पताल में भर्ती; यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

आगरा में बुधवार को पातालकोट एक्सप्रेस के 3 जनरल कोच पूरी तरह जल गए। इसमें कुल 13 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 7 लोग SN मेडिकल कॉलेज में, जबकि 6 यात्री सोलंकी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। आग लगने के बाद कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई। हादसा रेल मंडल में भांडई रेलवे स्टेशन के पास शाम 3.45 बजे हुआ। उस समय ट्रेन की स्पीड 70 से 80 किमी के बीच थी।