आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल-हमास जंग के 13वें दिन अमेरिका के राष्ट्रपति इजराइल पहुंच चुके हैं। उनका ये दौरा उस दिन हो रहा है, जब जंग के बीच गाजा में एक अस्पताल पर हुए हमले में 500 लोगों की मौत हो गई। वहीं, बाइडेन जंग के बीच अमेरिका-इजराइल के बीच एकजुटता का प्रदर्शन करने वाले हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू उन्हें रिसीव करने खुद तेल अवीव के बेंगुरिअन एयरपोर्ट जाएंगे। अलजजीरा के मुकाबिक गाजा में हुई 3 हजार से ज्यादा मौतों के बीच उनके लिए कोई भी एकतरफा फैसला लेना मुश्किल होगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक वो हमास के बड़े नेताओं पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर सकते हैं।

इजराइल में बाइडेन के लिए राजनीतिक चुनौती

इजराइली फौज हमास के खिलाफ जमीनी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर चुकी है और उसे सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। इजराइल चाहता है कि अमेरिका हमास के खिलाफ ऑपरेशन में उसकी राजनीतिक और आर्थिक तौर पर मदद करे।

यह 2 तरह से हो सकती हैं:

1) इजराइल ने अमेरिका से 10 बिलियन डॉलर की मिलिट्री सहायता मांगी है। इसके लिए नेतन्याहू बाइडेन को मनाने की पूरी कोशिश करेंगे।

2) गाजा में जमीनी कार्रवाई का समर्थन। 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले के बाद इजराइल लगातार गाजा पर बम बरसा रहा है। इसमें 3 हजार से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है। हमास के 6 मिलिट्री कमांडर भी मारे गए हैं।

चीन, मिस्र के अलावा कई मुस्लिम देशों का कहना है कि अब इजराइल सेल्फ डिफेंस से परे जाकर गाजा पर कार्रवाई कर रहा है। उसे अब रुक जाना चाहिए। इस बीच इजराइल अमेरिका से चाहता है कि वह गाजा पर कार्रवाई के बाद उसका साथ दे और दूसरे पश्चिमी देशों को भी उनका साथ देने के लिए मनाए।

बाइडेन की मुश्किल

बाइडेन के दौरे की वजह से गाजा में इजराइली फौज के ऑपरेशन में देरी हो सकती है। बाइडेन का कहना है कि गाजा पर कब्जा इजराइल की बड़ी गलती होगी। बाइडेन के कहा कि हमास का खात्मा जरूरी है, लेकिन गाजा पर कब्जा इजराइल की बड़ी गलती होगी।

उन्होंने कहा- हमास ने बर्बरता की है। इस संगठन का खात्मा जरूरी है, लेकिन फिलिस्तीन लोगों के लिए भी देश होना चाहिए, अलग सरकार होनी चाहिए।

पहले भी वॉर एरिया में जाते रहे हैं US प्रेसिडेंट्स

2022: बाइडेन कीव पहुंचे। दुनिया के लिए ये हैरान करने वाला मामला रहा। हालांकि इससे पहले भी अमेरिका के कुछ पूर्व राष्ट्रपति इस तरह की सरप्राइज विजिट करते रहे हैं।

2003 : तब के प्रेसिडेंट जॉर्ज बुश क्रिसमस वीक में इराक पहुंच गए थे। बुश को उनके सिक्योरिटी यूनिट ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद वो यहां पहुंचे।

2010 : तब के यूएस प्रेसिडेंट बराक ओबामा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंच गए थे। यहां उन्होंने अमेरिकी ट्रूप्स से मुलाकात की थी और उन्हें तोहफे दिए थे।