सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस द्वारा आईसेक्ट लिमिटेड को डेब्ट रिकवरी एजेंट (डीआरए) ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के रूप में मान्यता सितम्बर 2023 में प्राप्त हुई थी। इसके अंतर्गत द्वितीय बैच की डीआरए ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूर्ण की गई हैं। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के 34 प्रतिभगियों ने इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके समापन सत्र में आईसेक्ट एफआई और सर्विसेज के महाप्रबंधक अनुराग गुप्ता ने प्रतिभागियों को सम्बोधित किया एवं डीआरए की भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट वितरित किए गए।
इस ट्रेनिंग के बाद सभी प्रतिभागी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस द्वारा आयोजित डीआरए की परीक्षा में भाग लेंगे। इसमें बतौर विशेषज्ञ ट्रेनर जेके तनेजा, नरेश चंद्र दुदानी और भरत कुमार दलाल ने प्रतिभागियों को इससे जुड़े कार्यों की मूलभूत जानकारियां साझा कीं। इस प्रशिक्षण में रिकवरी और कलेक्शन के मूलभूत कार्यो से अवगत करते हुए इससे जुड़े सिद्धांतो से अवगत कराया गया।
इसके अलावा प्रतिभागियों को लोन अग्रिम, दस्तावेजीकरण, असेट वर्गीकरण, लोन रिकवरी, सॉफ्ट स्किल्स, लीगल और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, फेयर प्रैक्टिसेस कोड इत्यादि से सम्बंधित विस्तृत जानकारियां प्रदान की गई। साथ ही आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार डीआरए सर्टीफिकेशन फाइनेशियल इंस्टिटूयूशन और एनबीएफ़सी में डेब्ट रिकवरी एजेंट के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक है। इससे प्रतिभागी अपने लिए रोजगार के नए द्वार खोल सकते है। साथ ही वित्तीय क्षेत्र को स्किल्ड मैनपॉवर प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।