सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का पैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह त्रिपक्षीय पारस्परिक रक्षा समझौता मध्य पूर्व में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सैन्य सहयोग और सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, समझौते में प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला सभी पर हमला माना जाएगा। इसके साथ ही रक्षा योजना, खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक समन्वय के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। यह पैक्ट सऊदी अरब के वित्तीय प्रभाव, पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं और तुर्की की रक्षा उत्पादन विशेषज्ञता को साथ लाता है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि वह इस पर “करीबी नजर रख रहा है” और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता पर इसके प्रभावों का आकलन कर रहा है। मंत्रालय ने इससे अधिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन क्षेत्र के सभी देशों के साथ शांति, सुरक्षा और रचनात्मक संवाद बनाए रखने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नया गठबंधन पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्रीय तनाव जारी हैं। समझौते में शामिल तीनों देशों ने इसे सामूहिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए रक्षात्मक व्यवस्था बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसका दीर्घकालिक असर भविष्य के सैन्य सहयोग और बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल पर निर्भर करेगा। भारत से अपेक्षा है कि वह क्षेत्र में अपने रणनीतिक और कूटनीतिक हितों की सुरक्षा करते हुए घटनाक्रम पर नजर बनाए रखेगा।


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