सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चेन्नई के तारामणि स्थित आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क में युवाओं द्वारा लिखे गए 20,000 पोस्ट-इट नोट्स की “Wall of Hope” प्रदर्शित की जा रही है। Schizophrenia Research Foundation (SCARF) और उसके Department of Youth Mental Health के नेतृत्व में शुरू इस पहल में किशोरों और युवा वयस्कों से वे संदेश जुटाए गए हैं, जिनमें उन्होंने उम्मीद और जीवन के उद्देश्य के अपने कारण लिखे हैं।
सालभर चलने वाला यह युवा-नेतृत्व वाला अभियान अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था। इसके लिए तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 23 कॉलेजों, चार स्कूलों, पांच युवा स्थलों और एक वैज्ञानिक सम्मेलन से प्रतिभागियों के संदेश इकट्ठा किए गए।
अभियान को आगे बढ़ाने में करीब 400 प्रशिक्षित युवा एंबेसडरों ने मदद की। SCARF के मनोचिकित्सक डॉ. शिव प्रकाश श्रीनिवासन के अनुसार, संदेशों में आम तौर पर रिश्तों और प्रतिबद्धताओं, शिक्षा और करियर की आकांक्षाओं, व्यक्तिगत विकास, खुशी और जीवन के व्यापक लक्ष्यों की झलक दिखी।
इस पहल के दौरान करीब 400 ऐसे नोट्स भी मिले, जिनमें मानसिक पीड़ा या आत्महत्या से जुड़े विचार व्यक्त किए गए थे। आयोजकों ने कहा कि गुमनाम तरीके से लिखने की सुविधा ने युवाओं को कठिन भावनाएं व्यक्त करने की जगह दी और उम्मीद तथा बेहतरी पर बातचीत को बढ़ावा दिया। अभियान में थेरेपी नहीं दी गई, लेकिन जहां जरूरत दिखी, वहां परेशानी के संकेत देने वाले लोगों को काउंसलरों की ओर निर्देशित किया गया। आयोजकों को उम्मीद है कि यह पहल शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के व्यापक दायरे का हिस्सा बन सकती है।
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