सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चेन्नई: Gem Granites के चेयरमैन आर. वीरमणि मामले में आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) पहले मामले में तीन सप्ताह के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर सकती है। मद्रास हाई कोर्ट को 26 अक्टूबर, 2026 को यह जानकारी दी गई।
राज्य लोक अभियोजक आर. जॉन सथ्यान ने न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन को बताया कि जांच आगे बढ़ रही है और आरोपपत्र लगभग तैयार है। अदालत ने इससे जुड़ी दो रिट याचिकाओं पर आगे विचार के लिए सुनवाई 12 नवंबर, 2026 तक स्थगित कर दी।
पत्रकार आर. वराही और अधिवक्ता एम.एल. रवि की ओर से दायर याचिकाओं में जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य स्तर की जांच की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई है। एसआईटी ने अपनी जांच की प्रगति बताते हुए स्थिति रिपोर्ट दाखिल की। अदालत इससे पहले विशेष टीम को आरोपों की जांच के लिए अतिरिक्त समय दे चुकी है।
मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया था, जब एक एनजीओ स्वयंसेवक ने कथित तौर पर चेन्नई पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपी थी। इसमें ऐसा वीडियो होने की बात कही गई थी, जिसमें एक नाबालिग पर कथित यौन हमला दिखता था। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत ने पुलिस की पहले की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर आगे जांच के आदेश दिए थे। आरोपों से जुड़े मामलों में वीरमणि और उनके कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोप न्यायिक कार्यवाही के अधीन हैं और अभी सिद्ध तथ्य के रूप में स्थापित नहीं हुए हैं।
जांचकर्ता वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों और मामले के पहले के निपटारे में संभावित हस्तक्षेप की भी जांच कर रहे हैं। एसआईटी जांच आगे बढ़ने के साथ और निष्कर्ष अदालत के समक्ष रख सकती है।
12 नवंबर की अगली सुनवाई में हाई कोर्ट को जांच की स्थिति की समीक्षा करने और जांच सीबीआई को सौंपने की लंबित याचिकाओं पर विचार करने का अवसर मिलेगा।
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